हरियाणा में औद्योगिक निवेश से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार, सरकार ने तैयार किया बड़ा 'लक्ष्य'!

Edited By Manisha rana, Updated: 09 Apr, 2026 12:59 PM

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हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में युवाओं के हुनर को निखारने, उद्योगों को बढ़ावा देने, उद्यमिता एवं विदेशी निवेश के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में युवाओं के हुनर को निखारने, उद्योगों को बढ़ावा देने, उद्यमिता एवं विदेशी निवेश के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 10 नए आई.एम.टी. बनाए जाएंगे। इसके लिए अंबाला व नारायणगढ़ में भूमि खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद एव राई में आई.एम.टी. विकसित करने के लिए ई भूमि पोर्टल पर किसानों से प्रस्ताव मांग लिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा आज ऑटोमोबाइल का एक बड़ा हब बनकर उभरा है। देश में सबसे अधिक ट्रैक्टर, दोपहिया वाहन व साइकिलों का निर्माण हरियाणा में ही होता है। बजट सत्र से पहले विभिन्न हितधारकों ने राज्य में औद्योगिक भूमि की अधिक कीमतों को लेकर चिंता जताई थी। इसलिए सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष 2026-27 में औद्योगिक प्लॉट्स के लिए लैंड ऑन लीज नीति लागू की गई है जिसके तहत ये प्लॉट दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध करवाए जाएंगे और आवश्यकता होने पर इन्हें फ्री होल्ड में परिवर्तित करने की सुविधा भी दी जाएगी। नए उद्योगों की स्थापना और इकाइयों के शीघ्र परिचालन को लिए बढ़ावा एच.एस. आई.आई.डी. सी. राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधाओं के साथ तैयार औद्योगिक फैक्टरियां और शैड भी विकसित करेगा। 

इस वित्तीय वर्ष में फिजिबिलिटी सर्टीफिकेट व्यवस्था शुरू कर दी गई है जिसके तहत निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर एक डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके आधार पर निवेशक आगे निर्माण तथा पर्यावरण से संबंधित अनुमतियां आसानी और स्पष्टता के साथ प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि एच. एस.आई.आई.डी.सी. के 500 से अधिक प्लॉट धारकों पर रिजंपशन की तलवार लटकी हुई है मगर उन्हें विशेष राहत देते हुए निर्माण की समय सीमा 31 दिसम्बर, 2026 तक बढ़ाई गई है। निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें इसके लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर एवं रेवाड़ी में सभी संबंधित विभागों के लिए एक सचिवालय स्थापित करने का फैसला लिया गया है।

महिलाओं के स्टार्टअप को दिया जाएगा बढ़ावा

महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने हेतु उनकी भागीदारी 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का निर्णय सरकार ने लिया है। इसके साथ ही नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच का हरियाणा चैप्टर शीघ्र शुरू करने का प्रावधान भी इस बजट में किया गया है। कामकाजी महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक मातृ शक्ति औद्योगिक कैच नेटवर्क इस वित्तीय वर्ष में शुरू किए जाएंगे। 

सरकारी संस्थाओं द्वारा औद्योगिक हितधारकों को समय पर भुगतान न किए जाने की स्थिति में संबंधित पक्ष को 8 फीसदी की दर से बाज का भुगतान करने की नीति बनाई गई है। औद्योगिक प्रोत्साहन राशि के निपटान में पारदर्शिता, निश्चितता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए इन्वैस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन जमा होने के बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा 7 कार्यदिवसों में अग्रिम रूप से जारी किया जाएगा। आवेदन की विस्तृत जांच पूरी होने पर शेष 50 प्रतिशत पात्र प्रोत्साहन राशि भी 45 कार्य दिवसों के भीतर दे दी जाएगी।

2047 तक देश का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का है लक्ष्य

हरियाणा सरकार का लक्ष्य राज्य को देश का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हर बनाना है ताकि 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सके। इस रणनीतिक पहल को प्रगतिशील नीतियों, उद्योगों के साथ सीधे संवाद और बड़े बजटीय आवंटन का समर्थन प्राप्त है, जिसका उद्देश्य औद्योगिक विकास और नवाचार के लिए एक अभूतपूर्व वातावरण तैयार करना है। भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के अनुरूप हरियाणा ने अपना मजबूत 'मेक इन हरियाणा' मिशन शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य की वैश्विक डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पावरहाऊस के रूप में स्थापित करना है। 

मुख्यमंत्री नायब सैनी के सक्रिय नेतृत्व में राज्य ने औद्योगिक जगत से अभूतपूर्व संवाद शुरू किया है। मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न उद्योगपतियों से एक-एक करके मिल रहे हैं और उनके सुझाव प्राप्त कर रहे है। इन व्यापक विचार-विमर्शों में उद्योग जगत की समस्याओं और सुझावों को बजट में उचित स्थान दिया गया। खास बात यह है कि राज्य के बजट में औद्योगिक विकास के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दिखी जिसमें उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के बमट में 129 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 1848.12 करोड़ रुपए कर दिया गया। एक प्रमुख घोषणा में मौजूदा औद्योगिक नीति को पूरी तरह से नया और अधिक आकर्षक बनाने की बात कही गई ताकि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही उद्योगों के लिए हरियाणा मैनिवेश और विस्तार करना और आसन हो सके।

नए उद्योगों से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर होंगे सूजितः नायब सैनी

मुख्यमंत्री नायब सैनी का कहना है कि राज्य सरकार ने सकारात्मक बदलाव कर प्रदेश को औद्योगिक विकास के पथ पर आगे बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश में उद्योगों के लिए उपयुक्त माहौल तैयार किया जा रहा है तथा उद्यमियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। इसी का नतीजा है कि देश की बड़ी इंडस्ट्रीज के साथ-साथ विदेशी कंपनियं भी हरियाणा में निवेश की इच्छुक है वहीं कई कंपनियों ने निवेश संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन कंपनियों के निवेश से राज्य के विकास के पहिए की रफ्तार बढ़ी है। नए इंडस्ट्रियल प्लांट्स के बूते हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने युवाओं से इन उद्योगों के लिए अपने कौशल को विकसित करने का संजय अरोड़ा आह्वान किया है।
 

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