Edited By Isha, Updated: 09 Apr, 2026 01:31 PM

हरियाणा प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया
चंडीगढ़: हरियाणा प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में IAS आर.के. सिंह (राम कुमार सिंह) और IAS प्रदीप कुमार का नाम शामिल है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों के खातों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में इन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इस घोटाले में करीब ₹750 करोड़ के गबन की आशंका जताई जा रही है, जिसमें फर्जी डेबिट मेमो के जरिए सरकारी पैसा निकाला गया था। हरियाणा सरकार ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। सरकार ने पहले ही इस बड़े घोटाले की जांच CBI से कराने की सिफारिश की है।

एक साथ दो IAS अधिकारियों के सस्पेंशन ने पूरे प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह कड़ा कदम उठाया गया है। जांच के दायरे में कुछ अन्य विभाग और उनके आला अधिकारी भी आ सकते हैं।