Edited By Isha, Updated: 08 Apr, 2026 01:53 PM

बाला में बिजली विभाग के कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। अपने एक साथी जूनियर इंजीनियर (JE) के अचानक हुए तबादले से नाराज बिजली कर्मियों ने विभाग के बाहर जमकर नारेबाजी की और दो दिवसीय सांकेतिक धरने पर बैठ गए हैं।
अंबाल(अमन): अंबाला में बिजली विभाग के कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। अपने एक साथी जूनियर इंजीनियर (JE) के अचानक हुए तबादले से नाराज बिजली कर्मियों ने विभाग के बाहर जमकर नारेबाजी की और दो दिवसीय सांकेतिक धरने पर बैठ गए हैं।
मामले की शुरुआत करीब 15 दिन पहले हुई, जब अंबाला में कार्यरत JE पवन दहिया विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश पर एक उपभोक्ता के यहाँ बिजली चोरी पकड़ने गए थे। कर्मचारियों का आरोप है कि मौके पर मौजूद एक स्थानीय पार्षद (MC) और कुछ रसूखदार लोगों ने JE पर दबाव बनाया कि वह चोरी की कार्रवाई न करें और उपभोक्ता को छोड़ दें।
ईमानदारी का मिला 'इनाम': अंबाला से शहजादपुर तबादला
यूनियन के नेताओं के अनुसार, JE पवन दहिया ने राजनीतिक दबाव के आगे झुकने से मना कर दिया। उनके पास बिजली चोरी के पुख्ता वीडियो सबूत थे, जिसके आधार पर उन्होंने मामला दर्ज (अंकित) कर दिया। लेकिन ईमानदारी से ड्यूटी करने का खामियाजा उन्हें अगले ही दिन भुगतना पड़ा, जब उनका तबादला तुरंत प्रभाव से अंबाला से शहजादपुर कर दिया गया।
HSEB वर्कर यूनियन का कड़ा विरोध
हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने इसे "राजनैतिक उत्पीड़न" करार दिया है। धरने का नेतृत्व कर रहे HSEB वर्कर यूनियन के प्रधान तिलक सिंह ने कहा कि पवन दहिया ने सबूतों के साथ बिजली चोरी पकड़ी थी। उन पर दबाव बनाया गया लेकिन उन्होंने नियम का पालन किया। इसके बदले में राजनीतिक दबाव के चलते उनका तबादला कर दिया गया। हम इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
दो दिन का सांकेतिक धरना, बड़े आंदोलन की चेतावनी
बिजली कर्मचारियों ने रोष जताते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बिजली चोरी रोकने का दबाव बनाती है, वहीं दूसरी तरफ कार्रवाई करने वाले कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाता है।