Edited By Manisha rana, Updated: 22 Apr, 2026 03:19 PM

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जननायक जनता पार्टी और हरियाणा पुलिस के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ चुका है। इस बार मामला हिसार सीआईए और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से जुड़ा है, जिसने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
हिसार (विनोद सैनी) : हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जननायक जनता पार्टी और हरियाणा पुलिस के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ चुका है। इस बार मामला हिसार सीआईए और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से जुड़ा है, जिसने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
जजपा ने सीआईए इंचार्ज पवन कुमार का एक कथित वीडियो जारी कर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि इस वीडियो में उनके जिला प्रवक्ता रवि आहूजा के एनकाउंटर की साजिश रची जा रही थी। इतना ही नहीं, जजपा का कहना है कि उनके पास ऐसे ही 8 और वीडियो क्लिप मौजूद हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में सार्वजनिक किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक जजपा ने 27 अप्रैल तक इस विवाद को लगातार गर्म रखने की रणनीति बनाई है। इसी दिन हिसार में छात्र महापंचायत का आयोजन भी किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि एक वीडियो में पुलिसकर्मी माफी मांगते हुए भी नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो जजपा इस पूरे मुद्दे को बड़े सियासी अभियान में बदलने की तैयारी में है, ताकि जनता के बीच सहानुभूति हासिल की जा सके। यह पहली बार नहीं है जब दुष्यंत चौटाला और हरियाणा पुलिस आमने-सामने आए हों। इससे पहले भी वे तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह के साथ विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे थे।
अब ये है ताजा मामला
अब ताजा मामला नए डीजीपी अजय सिंघल से जुड़ा है, जिन पर दुष्यंत चौटाला ने फोन न उठाने और नंबर ब्लॉक करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। करीब पांच महीने बाद फिर से पुलिस और दुष्यंत चौटाला के बीच टकराव सामने आया है। बताया जा रहा है कि जजपा की टीम अब रोजाना एक-एक वीडियो जारी कर इस मुद्दे को और हवा देगी, जिसे सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलाया जाएगा।
वहीं सियासी जानकारों का मानना है कि दुष्यंत चौटाला पहले भी ऐसे विवादों के जरिए जनसमर्थन हासिल कर चुके हैं। जींद रैली इसका बड़ा उदाहरण रही है, और अब छात्र महापंचायत के जरिए एक बार फिर माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। इस पूरे विवाद में दिलचस्प बात यह है कि कई विपक्षी और सत्तापक्ष के नेता भी दुष्यंत चौटाला के समर्थन में सामने आए हैं। ऐलनाबाद से विधायक भरत सिंह बैनीवाल, सिरसा से गोकुल सेतिया, डबवाली से आदित्य देवीलाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल विज ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। दूसरी तरफ यह मामला अब कानूनी मोड़ भी ले चुका है।
दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंचार्ज ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत
आपको बता दें कि 18 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने एक-दूसरे के खिलाफ हिसार के अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया है। जांच की जिम्मेदारी डीएसपी कमलजीत को सौंपी गई है, जो दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि यह विवाद सियासी रूप से कितना बड़ा रूप लेता है और 27 अप्रैल की छात्र महापंचायत में इसका क्या असर देखने को मिलता है। फिलहाल हरियाणा की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गर्माता नजर आ रहा है।