Edited By Isha, Updated: 06 Jun, 2026 02:12 PM

केंद्र सरकार ने हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। लोगों में भरोसा जगाने के लिए पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी
डेस्क: केंद्र सरकार ने हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। लोगों में भरोसा जगाने के लिए पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मियों के आवास में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
दरअसल, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों की गड़बड़ियों और लोगों के विरोध से सबक लेते हुए केंद्र सरकार हरियाणा में यह प्रयोग करने जा रही है। सरकार का मानना है कि सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड मीटर लगाने से लोगों में भरोसा जगेगा।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों और केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में कहा कि स्मार्ट मीटरों से बिजली हानियों को कम करने में सहायता मिलेगी। बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके।
बिजली की बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए।