Edited By Isha, Updated: 06 Jun, 2026 02:52 PM

सोनीपत के 28 साल पुराने चर्चित महेंद्र सिंह हत्याकांड में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को बरकरार रखते हुए हरियाणा सरकार की अपील और शिकायतकर्ता की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।
चंडीगढ़: सोनीपत के 28 साल पुराने चर्चित महेंद्र सिंह हत्याकांड में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को बरकरार रखते हुए हरियाणा सरकार की अपील और शिकायतकर्ता की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस एनएस शेखावत और जस्टिस एचएस ग्रेवाल की खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। अदालत ने माना कि मुख्य गवाह रमेश कुमार की गवाही पूरी तरह भरोसेमंद नहीं थी, जबकि सेना के रिकॉर्ड ने बचाव पक्ष के दावों की पुष्टि की। मामला 17 अक्टूबर 1998 को आहुलाना में महेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या से जुड़ा था।
फैसले की चार बड़ी वजह
प्रत्यक्षदर्शी की गवाही पर सवाल
कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ताका व्यवहार घटना के बाद सामान्य मानवीय आचरण से मेल नहीं खाता।
सेना के रिकॉर्ड बने मजबूत बचाव
चार आरोपियों की घटना के समय रुड़की स्थित बीईजी सेंटर में मौजूदगी आधिकारिक रिकॉर्ड से साबित हुई।
हथियार की बरामदगी संदिग्ध
पिस्टल आम पहुंच वाले स्थान से बरामद दिखाई गई और जांच प्रक्रिया में कई खामियां मिलीं।
साजिश का आरोप साबित नहीं हुआ
अदालत को हत्या की पूर्व योजना या आरोपियों के बीच किसी बैठक का विश्वसनीय सबूत नहीं मिला