पानीपत ESI अस्पताल में बड़ा घोटाला: फर्जी रेफरल खेल का खुलासा, CM सैनी ने ACB को सौंपी जांच

Edited By Isha, Updated: 22 Apr, 2026 04:13 PM

major scam at panipat esi hospital fake referral racket exposed

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए पानीपत ESI अस्पताल में हुए करोड़ों के रेफरल घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंप दी है। वर्ष 2020 से

पानीपत(सचिन):  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए पानीपत ESI अस्पताल में हुए करोड़ों के रेफरल घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंप दी है। वर्ष 2020 से 2024 के बीच हुए इस घोटाले में मरीजों को निजी अस्पतालों में फर्जी तरीके से रेफर किया गया था। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल के तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

क्या है पूरा घोटाला? 
जांच में सामने आया है कि अस्पताल के 3 कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से पिछले चार वर्षों में मरीजों को बिना जरूरत के निजी अस्पतालों (पैनल अस्पतालों) में रेफर किया। रेफरल फॉर्म पर डॉक्टरों के जाली हस्ताक्षर कर निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाया। इस खेल के जरिए सरकारी धन का बड़े स्तर पर दुरुपयोग किया गया।

CM नायब सैनी का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए न केवल ACB जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि राज्य के अन्य 133 पैनल अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। ताकि यह पता चल सके कि क्या यह नेटवर्क पूरे प्रदेश में सक्रिय है। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने इस बड़े भ्रष्टाचार की आशंका को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था।


वर्तमान मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. वंदना ने बताया कि दोषी तीन लोगों पर विभागीय कार्रवाई कर दी गई है। वर्तमान में रेफरल प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया गया है कि फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। अब अधिकांश मरीजों का इलाज अस्पताल के भीतर ही किया जा रहा है, जिससे वार्ड फुल हैं और रेफरल की संख्या बहुत कम रह गई है।
 

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