Edited By Isha, Updated: 22 Apr, 2026 08:04 PM

हरियाणा में डिजिटल शिक्षा पहल के तहत बांटे गए टैबलेट अब सख्ती का कारण बनते नजर आ रहे हैं। परीक्षा खत्म होने के बाद भी 500 से अधिक विद्यार्थियों ने टैबलेट वापस नहीं किए हैं, जिस पर हरियाणा शिक्षा विभाग
डेस्क: हरियाणा में डिजिटल शिक्षा पहल के तहत बांटे गए टैबलेट अब सख्ती का कारण बनते नजर आ रहे हैं। परीक्षा खत्म होने के बाद भी 500 से अधिक विद्यार्थियों ने टैबलेट वापस नहीं किए हैं, जिस पर हरियाणा शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा में डिवाइस जमा न करने वाले छात्रों का परीक्षा परिणाम रोका जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह टैबलेट केवल पढ़ाई के उद्देश्य से दिए गए थे और ये सरकारी संपत्ति हैं। ऐसे में इन्हें समय पर स्कूल में जमा करना प्रत्येक छात्र की जिम्मेदारी है। विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे टैब न लौटाने वाले छात्रों की सूची तैयार कर बोर्ड को भेजें।
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि स्कूल स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों की रिपोर्ट हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को भेजें। इसके बाद बोर्ड स्तर पर कार्रवाई तय की जाएगी। इस कार्रवाई में छात्रों का रिज़ल्ट रोकना, भविष्य की शैक्षणिक प्रक्रियाओं में देरी या अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं। विभाग का कहना है कि यह कदम अनुशासन बनाए रखने और सरकारी संसाधनों के सही उपयोग के लिए जरूरी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को टैबलेट समय पर जमा करने के लिए प्रेरित करें। अधिकारियों का मानना है कि कई मामलों में अभिभावकों की अनदेखी भी इसकी वजह बन रही है। स्पष्ट किया गया है कि यदि छात्र तय समय में टैब जमा कर देते हैं, तो उनके रिज़ल्ट या आगे की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसलिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है।