Edited By Isha, Updated: 17 Apr, 2026 06:05 PM

हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने घोषणा की है कि 10 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने तथा आदर्श आचार संहिता का प्रभावी अनुपालन
चंडीगढ़: हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने घोषणा की है कि 10 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने तथा आदर्श आचार संहिता का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। आयोग ने अंबाला, पंचकूला, सोनीपत और अन्य संबंधित जिलों में चुनाव प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी के लिए वरिष्ठ IAS, IPS और HCS अधिकारियों को 'डीम्ड डेपुटेशन' (मानित प्रतिनियुक्ति) पर नियुक्त किया है।
चुनाव प्रबंधन के सभी पहलुओं पर नज़र रखने के लिए इन पर्यवेक्षकों को तीन मुख्य श्रेणियों में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सामान्य पर्यवेक्षक, जो एक वरिष्ठ IAS/HCS अधिकारी होंगे, ज़मीनी स्तर पर आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। वे EVM और मतदान कर्मियों के रैंडमाइजेशन (यादृच्छिकीकरण), नामांकन प्रक्रिया और नामांकन पत्रों के सत्यापन, मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, तथा किसी भी अनियमितता या मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर नज़र रखने और सीधे आयोग को रिपोर्ट करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
पुलिस पर्यवेक्षक, जो एक वरिष्ठ IPS/HPS अधिकारी होंगे, मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता का आकलन करके, पुलिस बल और होम गार्ड की तैनाती की समीक्षा करके, शराब और हथियारों पर प्रतिबंध के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करके, तथा रैलियों और लाउडस्पीकरों की अनुमति के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' की निगरानी करके कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
वहीं, व्यय पर्यवेक्षक, जो DETC अधिकारी होंगे, चुनावों में धन-बल के प्रभाव को रोकने के लिए उम्मीदवारों के दैनिक व्यय रजिस्टर की निगरानी करेंगे। वे अवैध नकदी या उपहारों की आवाजाही पर नज़र रखेंगे, और 'स्टैटिक मॉनिटरिंग टीम' तथा 'फ्लाइंग स्क्वाड' के साथ समन्वय स्थापित करके निर्धारित व्यय सीमा का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
ये सभी पर्यवेक्षक 13 मई 2026 को मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक अपने-अपने जिलों में तैनात रहेंगे। आम जनता की सुविधा के लिए, इन पर्यवेक्षकों के संपर्क विवरण और उनके स्थानीय आवास के पते स्थानीय समाचार पत्रों और जिला प्रशासन की वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाएंगे, ताकि कोई भी नागरिक, उम्मीदवार या जन प्रतिनिधि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित किसी भी शिकायत के मामले में, निर्धारित 'सार्वजनिक सुनवाई अवधि' के दौरान सीधे इन पर्यवेक्षकों से संपर्क कर सके।