Edited By Isha, Updated: 10 Apr, 2026 12:43 PM

चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक महज एक औपचारिक बैठक नहीं रही, बल्कि इसने प्रदेश के हर वर्ग के लिए खुशियों का रास्ता साफ कर दिया है। जहां एक ओर अग्निवीरों और महिलाओं
डेस्क: चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक महज एक औपचारिक बैठक नहीं रही, बल्कि इसने प्रदेश के हर वर्ग के लिए खुशियों का रास्ता साफ कर दिया है। जहां एक ओर अग्निवीरों और महिलाओं के लिए बड़े एलान हुए, वहीं शहरी क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों की जीवनशैली को सुधारने के लिए सरकार ने 'रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी' का स्वरूप ही बदल दिया है। इस नीतिगत बदलाव के बाद अब हरियाणा के शहरों में बनने वाली रिटायरमेंट कॉलोनियां और ओल्ड एज होम्स सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस सुकून के ठिकाने बनेंगे।
सरकार ने इस बार बुजुर्गों की सबसे बड़ी समस्या 'कम जगह' का समाधान निकाला है। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, अब इन विशेष आवासीय परियोजनाओं में फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर सीधा 3.0 कर दिया गया है। तकनीकी भाषा में समझें तो अब डेवलपर्स को उतनी ही जमीन पर ज्यादा निर्माण करने की अनुमति होगी, जिसका सीधा फायदा वहां रहने वाले बुजुर्गों को मिलेगा। उन्हें अब तंग कमरों के बजाय खुले और हवादार फ्लैट्स मिल सकेंगे। यह बदलाव 'ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स' (TDR) के माध्यम से लागू किया जाएगा, जो बिल्डर्स और ग्राहकों, दोनों के लिए 'विन-विन' स्थिति पैदा करेगा।
अक्सर देखा जाता है कि बड़ी-बड़ी हाउसिंग स्कीमों में बुनियादी सुविधाओं की कमी रह जाती है, लेकिन नई पॉलिसी में सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। संशोधित नियमों के तहत डेवलपर्स के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे हर प्रोजेक्ट में बिजली, शुद्ध पेयजल और चौड़ी सड़कों का जाल बिछाएं। सरकार का विजन है कि रिटायरमेंट के बाद जो बुजुर्ग अकेले रह रहे हैं या सामुदायिक केंद्रों में रहना चाहते हैं, उन्हें घर जैसा माहौल मिले। इन कॉलोनियों में सुरक्षा मानकों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सरकार आने वाले समय में गाइडलाइंस सख्त कर सकती है।
इस कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो स्पष्ट है कि सरकार चुनाव से पहले हर तबके के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। शहरों में फ्लैट्स की बढ़ती कीमतों और जगह की किल्लत के बीच बुजुर्गों के लिए लिया गया यह फैसला मिडिल क्लास परिवारों को बड़ी राहत देगा। जानकारों का मानना है कि FAR में बढ़ोतरी से डेवलपर्स की लागत कम होगी, जिससे आने वाले समय में बुजुर्गों के लिए फ्लैट्स की कीमतें भी स्थिर रह सकती हैं।