Edited By Isha, Updated: 14 May, 2026 10:14 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक जीवन में सादगी अपनाने और 'वीआईपी कल्चर' को खत्म करने के आह्वान के बाद, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रदेश
चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक जीवन में सादगी अपनाने और 'वीआईपी कल्चर' को खत्म करने के आह्वान के बाद, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या में 50% तक की कटौती करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब मंत्रियों के साथ चलने वाली 'एस्कॉर्ट' (पायलट गाड़ियां) को पूरी तरह हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने काफिले में भी वाहनों की संख्या सीमित करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम से आम जनता को निजात दिलाना है।
मंत्रियों को अब बिना किसी भारी सुरक्षा घेरे के जनता के बीच जाना होगा, जिससे शासन और जनता के बीच की दूरी कम होगी। वाहनों की संख्या आधी होने से सरकारी खजाने पर ईंधन और रखरखाव का बोझ कम होगा। सुरक्षा केवल आवश्यकता के आधार पर दी जाएगी, न कि पद के प्रदर्शन के लिए।
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान "दिखावे" पर नहीं, बल्कि "जनसेवा" पर है। उन्होंने अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इस पहल का समर्थन करने और इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की अपील की है।