Edited By Isha, Updated: 25 Apr, 2026 01:33 PM

: हरियाणा के स्कूलों में बच्चों के भारी बस्ते को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब असर दिखाने लगी है। जवाब दो हिसाब दो समूह की लगातार मुहिम के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बड़ा कदम उठाते हुए
डेस्क : हरियाणा के स्कूलों में बच्चों के भारी बस्ते को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब असर दिखाने लगी है। जवाब दो हिसाब दो समूह की लगातार मुहिम के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बड़ा कदम उठाते हुए 13 अप्रैल को शिक्षा विभाग को स्कूल बैग पॉलिसी 2020 तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हिसार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ छाबड़ा के मुताबिक इस मुहिम की शुरुआत 18 दिसंबर 2025 को हुई थी। जवाब दो हिसाब दो समूह ने जिला शिक्षा अधिकारी के सामने बच्चों के बस्ते का मुद्दा उठाया था लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद समूह ने 28 जनवरी 2026 को आरटीआई के जरिए इन तथ्यों के आधार पर समूह ने पूरा मामला शिक्षा विभाग और एनसीपीसीआर के सामने रखा था। इसके बाद आयोग ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए हरियाणा सरकार को जवाबदेही तय करने और पॉलिसी लागू करने के आदेश दिए हैं। इस अभियान में सौरभ छाबड़ा, राजीव सरदाना, ललित भाटिया समेत कई लोगों ने अहम भूमिका निभाई है। इनके समूह का कहना है कि यह बच्चों के अधिकारों की जीत है और अब वे सुनिश्चित करेंगे कि हर स्कूल में बस्ते का बोझ कम हो।