NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत के बाद बवाल, देर रात हजारों छात्रों का प्रदर्शन...‘वी वांट जस्टिस’ के नारे

Edited By Isha, Updated: 17 Apr, 2026 01:44 PM

uproar at nit kurukshetra following female student s death

NIT कुरुक्षेत्र में बीटेक की छात्रा की आत्महत्या के बाद गुरुवार देर रात कैंपस में हालात तनावपूर्ण हो गए। हजारों की संख्या में छात्र एकत्र होकर ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को देखते

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): NIT कुरुक्षेत्र में बीटेक की छात्रा की आत्महत्या के बाद गुरुवार देर रात कैंपस में हालात तनावपूर्ण हो गए। हजारों की संख्या में छात्र एकत्र होकर ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मुख्य द्वार बंद कर दिया और मीडिया की एंट्री पर रोक लगा दी।

जानकारी के अनुसार, सेकेंड ईयर की छात्रा दीक्षा दुबे ने गुरुवार दोपहर लैब से लौटने के बाद अपने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से ही साथी छात्र मामले को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

मृतका बिहार के बक्सर की रहने वाली थी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस शाखा की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि उसने अपनी नोटबुक में एक भावुक संदेश भी छोड़ा, जिसमें लिखा— “मम्मी-पापा, मैं कुछ करके नहीं दिखा पाई, मैंने आपके पैसे बर्बाद कर दिए।”

ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दीक्षा लैब के लिए गई थी और दोपहर करीब 1 बजे हॉस्टल लौटी। उसके साथ आई सहेली खाना खाने के लिए मैस में चली गई, जबकि दीक्षा सीधे अपने कमरे में चली गई।
कुछ समय बाद सहेली ने उसे फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। करीब 3 बजे जब वह कमरे पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज लगाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद खिड़की से झांककर देखा तो दीक्षा फंदे से लटकी हुई थी।

सूचना मिलते ही हॉस्टल प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। थाना प्रभारी विशाल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

छात्रों का हंगामा, गंभीर आरोप
घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने देर रात प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि छात्रा का शव काफी देर तक फंदे पर लटका रहा, लेकिन समय पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने एक प्रोफेसर से सवाल किए तो उन्हें डांटा गया। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रोफेसर ने छात्रा को कैंपस के बाहर जाकर आत्महत्या करने तक की बात कही थी।

‘कमेटी बनी, लेकिन नहीं हुआ समाधान’
छात्रों का कहना है कि पिछले करीब दो महीनों में यह चौथा आत्महत्या का मामला है। इससे पहले तीन घटनाओं के बाद प्रशासन ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन उसने कोई ठोस काम नहीं किया।
छात्रों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है और आरोप लगाया कि प्रशासन छुट्टियां घोषित कर छात्रों को जबरन घर भेजने की कोशिश कर रहा है, ताकि मामला दबाया जा सके।

दो महीने में चार मौतें
बताया जा रहा है कि इससे पहले 9 अप्रैल को सिरसा निवासी प्रियांशु वर्मा, 31 मार्च को नूंह निवासी पवन कुमार और 16 फरवरी को तेलंगाना निवासी अंगोद शिवा ने भी हॉस्टल में आत्महत्या की थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने संस्थान में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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