Edited By Harman, Updated: 28 May, 2026 05:12 PM

कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन रजनीश बंसल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांटेड शूटर अर्जुन पंडित के माता-पिता और भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में...
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन रजनीश बंसल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांटेड शूटर अर्जुन पंडित के माता-पिता और भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने करीब ₹30 हजार एडवांस लेकर वारदात को अंजाम दिया था।
सीआईए की जांच के अनुसार अर्जुन पंडित और नोनी राणा गैंग के बीच फायरिंग को लेकर डील हुई थी। वारदात के लिए न केवल एडवांस रकम दी गई, बल्कि हथियार भी उपलब्ध करवाए गए। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूरी डील कितनी रकम में तय हुई थी। पुलिस पूछताछ में अर्जुन पंडित ने कबूल किया कि 15-16 अप्रैल की रात वह अपने एक साथी के साथ अग्रवाल कॉलोनी पहुंचा था। पहले उसने घर के अंदर एक पर्ची फेंकी, जिस पर अंग्रेजी में “शुभम पंडित, कार्तिक शर्मा, रुद्र बंसल... फिर मिलते हैं” लिखा था। इसके बाद बदमाशों ने करीब 18 राउंड फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी और मौके से फरार हो गए।
चेयरमैन के कर्मचारी ओमप्रकाश के अनुसार जनवरी 2025 में ही रजनीश बंसल को फोन पर रंगदारी की धमकियां मिलनी शुरू हो गई थीं। पैसे नहीं मिलने पर बदमाशों ने दबाव बनाने और दहशत फैलाने के मकसद से इस वारदात को अंजाम दिया। जांच में नोनी राणा गैंग का नाम भी सामने आया है। सीआईए टीम ने 22 मई को आरोपी अर्जुन पंडित के पिता घनश्याम तिवारी, भाई दीपक तिवारी और उसकी मां को गिरफ्तार किया। रिमांड के दौरान दीपक के कब्जे से एक देसी पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस अब अर्जुन के फरार साथी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
इससे पहले 18 मई को पुलिस ने मुख्य शूटर अर्जुन पंडित निवासी कोसीकला, जिला मथुरा (यूपी) को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। वहीं वारदात में इस्तेमाल बाइक और हथियार उपलब्ध करवाने के आरोप में विशाल कुमार यादव उर्फ बीडी निवासी दप्पर, जिला मोहाली और अरुणवीर सिंह उर्फ अन्नू निवासी टिवाना, जिला लालडू (पंजाब) को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब पूरे गैंग नेटवर्क, फंडिंग और अन्य आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।