दमघोंटू हवा की दस्तक: प्रदेश में फानों में आग लगाने के मामले 1709 के पार, रोहतक बना 'हॉटस्पॉट'

Edited By Isha, Updated: 02 May, 2026 11:45 AM

stubble burning cases in the state cross the 1 709 mark

हरियाणा में धान की कटाई के साथ ही पराली (फसल अवशेष) जलाने की घटनाओं ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। प्रदेश में शुक्रवार को एक ही दिन में आगजनी के 144 नए मामले सामने आए हैं, जिसने कृषि विभाग और प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

चंडीगढ़: हरियाणा में धान की कटाई के साथ ही पराली (फसल अवशेष) जलाने की घटनाओं ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। प्रदेश में शुक्रवार को एक ही दिन में आगजनी के 144 नए मामले सामने आए हैं, जिसने कृषि विभाग और प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक मामले
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक पराली जलाने के कुल 1709 मामले चिह्नित किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 4 वर्षों की तुलना में इस बार यह सबसे अधिक संख्या है। इससे पहले साल 2022 में इसी अवधि के दौरान 2092 मामले दर्ज किए गए थे, लेकिन वर्तमान रफ्तार को देखते हुए यह आंकड़ा चिंताजनक स्तर पर पहुँच गया है।

रोहतक बना 'हॉटस्पॉट', जींद और झज्जर में भी बुरा हाल
शुक्रवार को प्रदेश के जिलों में हुई आगजनी के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। रोहतक जिले में सबसे अधिक 36 मामले दर्ज किए गए, जो राज्य में सर्वाधिक हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार शुक्रवार को जींद में 29, झज्जर में 20, सोनीपत में 13, सिरसा में 10 और भिवानी में 7 मामले सामने आए। इसी तरह से कुरुक्षेत्र और फतेहाबाद में 6-6 मामले चिह्नित किए गए हैं। कैथल में 8, करनाल में 3, हिसार में 4, अंबाला व चरखी दादरी में 1-1 चच मामले चिह्नित किए गए हैं।


प्रदूषण और स्वास्थ्य पर खतरा
लगातार बढ़ रही इन घटनाओं के कारण प्रदेश की हवा जहरीली होने का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-NCR समेत पूरे हरियाणा में वायु गुणवत्ता (AQI) सूचकांक में गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रशासन द्वारा बार-बार अपील और सख्ती के बावजूद, खेतों में पराली जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।


 

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