Haryana में बस्ते का वजन तय, कम होगा बच्चों पर बोझ...यूनिफॉर्म के लिए ‘फिक्स्ड दुकान’ का खेल भी होगा ख़त्म

Edited By Isha, Updated: 19 Apr, 2026 08:43 PM

school bag weight capped in haryana

हरियाणा सरकार ने स्कूली बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम उठाया है। नये शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूल बैग के बढ़ते वजन और निजी स्कूलों की मनमानी

डेस्क: हरियाणा सरकार ने स्कूली बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम उठाया है। नये शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूल बैग के बढ़ते वजन और निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इन कक्षाओं के बच्चों के लिए स्कूल बैग का अधिकतम वजन एक से 1.5 किलोग्राम तय किया गया है।
 
विभाग का मानना है कि कम उम्र में भारी बैग बच्चों के शारीरिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिससे रीढ़ और कंधों से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके साथ ही अन्य कक्षाओं के लिए भी बैग का वजन निर्धारित किया गया है। कक्षा 3 से 5 तक 2 से 3 किलोग्राम, कक्षा 6-7 के लिए 4 किलोग्राम, कक्षा 8-9 के लिए 4.5 किलोग्राम और कक्षा 10 के लिए अधिकतम 5 किलोग्राम की सीमा तय की गई है। सभी स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।

सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा महंगी और अनावश्यक किताबें थोपने की प्रवृत्ति पर भी कड़ा रुख अपनाया है। अब स्कूल केवल मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम के अनुसार ही किताबें निर्धारित कर सकेंगे। अभिभावकों को किसी विशेष प्रकाशक की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, कई स्कूल पुरानी या अप्रासंगिक संदर्भ पुस्तकों को भी अनिवार्य बना देते हैं, जो नयी शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे मामलों में संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
यूनिफॉर्म को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब स्कूल किसी एक निर्धारित दुकान या वेंडर से ही यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकेंगे। इस पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों के लिए सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कुछ मामलों में बच्चों को पानी की बोतल लाने के लिए बाध्य किया जाता था, जिसे विभाग ने अनुचित बताया है।

शिकायत पर तुरंत कार्रवाई, हेल्पलाइन जारी

अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए शिक्षा विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 जारी किया है, जिस पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा को व्यापार बनाने की प्रवृत्ति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
 

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