Edited By Imran, Updated: 19 Apr, 2026 05:38 PM

पंचकूला से यमुनानगर तक संरक्षित वन क्षेत्र में खैर कटान और तस्करी मामले के बीच हरियाणा सरकार ने 11 आईएफएस और एचएफएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल में पंचकूला की जिम्मेदारी सं
चंडीगढ़: पंचकूला से यमुनानगर तक संरक्षित वन क्षेत्र में खैर कटान और तस्करी मामले के बीच हरियाणा सरकार ने 11 आईएफएस और एचएफएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल में पंचकूला की जिम्मेदारी संभाल रहीं महिला आईएफएस बी. निवेदिता को चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वह पहले अतिरिक्त प्रभार के रूप में देख थीं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। खैर कटान मामले में निलंबित एचएफएस अधिकारी दांगी की जगह आईएफएस विरेंद्र सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। रही
वहीं आईएफएस नरेश रंगा को डीएफओ (टेरिटोरियल), अंबाला नियुक्त किया गया है। एचएफएस प्रशांत शर्मा को डीएफओ, सीड कलेक्शन डिवीजन पिंजौर, संदीप सिंह सैनी को डीएफओ यमुनानगर, नवल किशोर को डीएफओ (टेरिटोरियल) करनाल और गुरुप्रकाश को असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, हिसार लगाया गया है। इसके अलावा हरियाणा फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में भी चार महाप्रबंधकों के तबादले किए गए हैं। मोहन लाल वर्मा को गुरुग्राम, रघुबीर सिंह को हिसार, पवन कुमार शर्मा को करनाल और विरेंद्र गोदारा को अंबाला में जीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार के इस फैसले को खैर कटान प्रकरण में जवाबदेही तय करने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।