हाय राम ये सड़कें! इनसे गुजरते ही लोगों की निकलती है दुआ-“हे भगवान, तेरा शुक्रिया, आज भी बचा लिया”

Edited By Manisha rana, Updated: 19 Apr, 2026 10:50 AM

bad roads in guhla cheeka

चीका से कैथल और चीका से भागल तक की सड़कों की हालत ऐसी हो चुकी है कि इन पर सफर करना अब किसी जोखिम भरे मिशन से कम नहीं रहा।

गुहला/चीका (कपिल) : चीका से कैथल और चीका से भागल तक की सड़कों की हालत ऐसी हो चुकी है कि इन पर सफर करना अब किसी जोखिम भरे मिशन से कम नहीं रहा। गड्ढों से भरी इन सड़कों पर रोजाना सफर करने वाले लोग हर बार घर पहुंचने के बाद यही कहते नजर आते हैं—“हे भगवान, तेरा शुक्रिया, आखिर तूने आज भी बचा ही लिया।” इन मार्गों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई सड़कें और धूल-मिट्टी यात्रियों को हर पल खतरे में डाल रही है। 

दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह रास्ता किसी खतरनाक खेल से कम नहीं, जहां जरा सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। सबसे अहम बात यह है कि इन सड़कों का इस्तेमाल प्रतिदिन दर्जनों सरकारी व प्राइवेट कर्मचारी अपने दफ्तरों तक पहुंचने के लिए करते हैं, जबकि हजारों स्थानीय लोग और राहगीर भी इसी रास्ते पर निर्भर हैं। इसके बावजूद सड़कों की बदहाली में कोई सुधार नहीं हो पा रहा, जिससे लोगों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों संजय कुमार, सुरेश,, नवीन, मुकेश, मोहन, महेश, रमेश, पप्पू, सोनू और चिंटू मोनू आदि का कहना है कि अब इन रास्तों पर सफर करना मजबूरी बन चुका है। 

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“घर से निकलते समय ऐसा लगता है जैसे कोई जोखिम उठाने जा रहे हों, और वापस लौटने पर राहत की सांस लेते हैं,” वाहन चालकों का कहना है कि इन सड़कों के कारण गाड़ियों की हालत भी खराब हो रही है। हर महीने मरम्मत पर खर्च बढ़ रहा है और अचानक गड्ढे आने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इतना ही नहीं, इन टूटी सड़कों की वजह से कई बार बड़े-बड़े अधिकारी भी इस मार्ग से गुजरने से बचते हैं और अपना रास्ता बदल लेते हैं। बताया जाता है कि गत वर्ष एक वरिष्ठ अधिकारी का निरीक्षण दौरा भी प्रस्तावित था, लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण वह दौरा आज तक स्थगित पड़ा है। 

वहीं स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। ग्राहक इन रास्तों से आने से कतराते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। अब क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत करवाई जाए, ताकि रोजाना का यह खतरनाक सफर सुरक्षित बन सके। 

फिलहाल हर दिन इन रास्तों से गुजरने वालों के मुंह से यही निकलता है “भगवान का लाख-लाख शुक्र है!” कि आज भी बच गए। -उन अधिकारियों को सलाम जो हर रोज तय करते हैं यह मुश्किलों भरा सफर - स्थानीय लोगों का कहना है कि वह उन अधिकारियों को सलाम करते हैं जो हर रोज इतना जोखिम भरा सफर चीका से कैथल या कैथल से चीका की तरफ और चीका से पेहवा की तरफ का करते हैं। वर्जन - पिहोवा रोड की सड़क पर पैच वर्क चल रहा है लेकिन लुक मिलने में समस्या आ रही है जिस वजह से काम रुक गया है दूसरी तरफ कैथल रोड पर भी काम शुरू हो चुका है और पेचवर्क जारी है। उम्मीद है अगले कुछ दिनों में लोगों को राहत मिलेगी और लोग संतुष्ट नजर आएंगे। एजेंसी से डी.एल.पी. पीरियड में ही यह काम पूरा करवाया जा रहा है। राम मेहर शर्मा, एस.डी.ओ पी.डब्ल्यू.डी. विभाग गुहला। 

गुहला की इन टूटी सड़कों से मैं भी दुखी-वर्ष 2023 में जब टूटी हुई सड़कों के मामले में लगभग 42 दिनों का लगातार आंदोलन चला था और संयुक्त सड़क सुरक्षा मंच के साथ जुड़े एक होनहार बुद्धजीवी नागरिक ने ''गुहला की टूटी सड़कों से मैं भी दुःखी'', विषय का एक स्टीकर तैयार करने का आईडिया दिया था और उस आइडिया पर काम करते हुए मंच द्वारा इसी प्रकार का एक स्टीकर तैयार करते हुए उसे दूर दराज क्षेत्र की गाड़ियों, ट्रकों आदि पर लगाया गया था जिसने गुहला की टूटी हुई सड़कों के पोल देश भर में खोल दी थी। 

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