हे भगवान! शव के पास ही "शर्मसार" हुए रिश्ते, PGI डेड हाउस के बाहर पिता के शव के लिए भिड़े भाई-बहन

Edited By Isha, Updated: 19 Apr, 2026 06:15 PM

siblings clash outside pgi mortuary over father s body

पीजीआई के डेड हाउस के बाहर शनिवार दोपहर अंतिम संस्कार के लिए पिता प्रेम सिंह का शव लेने के लिए भाई-बहन आपस में भिड़ गए। बहन मीनाक्षी का आरोप है कि पिता की मौत का मुआवजा लेने के लिए भाई शव

रोहतक: पीजीआई के डेड हाउस के बाहर शनिवार दोपहर अंतिम संस्कार के लिए पिता प्रेम सिंह का शव लेने के लिए भाई-बहन आपस में भिड़ गए। बहन मीनाक्षी का आरोप है कि पिता की मौत का मुआवजा लेने के लिए भाई शव लेना चाहता है। भाई अमर सिंह का कहना है कि पिता का अंतिम संस्कार करने का हक बेटों का होता है। पुलिस ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद शव मीनाक्षी को सौंप दिया। जीआरपी टोहाना के एएसआई सतीश ने बताया कि कैथल निवासी प्रेम सिंह (65) शुक्रवार को टोहाना रेलवे स्टेशन पर गए थे। यहां ट्रेन में चढ़ते समय गिर गए और गाड़ी के नीचे आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

टोहाना के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां से शुक्रवार रात रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही पीजीआई लाते समय उनकी मौत हो गई थी। ऐसे में सूचना पाकर फतेहाबाद में टोहाना निवासी बहन मीनाक्षी पीजीआई पहुंचीं। थोड़ी देर बाद प्रेम सिंह का बेटा अमर सिंह भी परिवार सहित आ गए। जीआरपी ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया। शव लेने को लेकर पीजीआई के डेड हाउस के बाहर ही भाई अमर सिंह और बहन मीनाक्षी में हंगामा हो गया। इससे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी प्रभावित होने लगी। पुलिस ने दोनों पक्षों को परिसर से बाहर कर दिया।

पिता की मौत का क्लेम हड़पना चाहते हैं भाई

प्रेम सिंह की बेटी मीनाक्षी ने बताया कि उनकी मां की पंजाब के पटियाला में गिरने से मौत हो गई थी। तीनों भाइयों ने मौत के बाद मुआवजे के तौर पर मिले सात लाख रुपये हड़प लिए थे। आरोप लगाया कि उनके भाइयों ने पिता को कभी रोटी तक नहीं दी। 20 साल से पिता कभी उनके पास तो कभी छोटी बहन भतेरी के पास रहते थे। अब मुआवजा हड़पने के लिए शव लेने आ गए।

भाई अमर सिंह बोले- बहन बेवजह जिद कर रही, अंतिम संस्कार करने का हक बेटों का
कैथल से रोहतक पहुंचे अमर सिंह ने बताया कि वे तीन भाई और पांच बहनें हैं। शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे उनकी बहन मीनाक्षी का फोन आया कि पिता की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। वे शव लेने रोहतक आ गए। बहन मीनाक्षी पहले से यहां पर थीं क्योंकि वह हादसे का क्लेम हड़पना चाहती हैं।

 

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