Haryana में सरकारी दंपतियों को बड़ा झटका, एक साथ रहने पर नहीं मिलेगा अलग HRA...हाई कोर्ट ने साफ किए नियम

Edited By Krishan Rana, Updated: 11 May, 2026 08:43 AM

haryana government couples face a major setback they won t receive separate hra

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी करने वाले दंपतियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए

चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी करने वाले दंपतियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि पति-पत्नी एक ही शहर में तैनात हैं और एक ही घर में रह रहे हैं, तो दोनों को अलग-अलग हाउस रेंट अलाउंस (HRA) नहीं दिया जा सकता। 

इस फैसले के बाद हरियाणा सरकार ने सभी विभागों, बोडों और विश्वविद्यालयों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि एचआरए का उद्देश्य किराए के मकान पर होने वाले खर्च की भरपाई करना है, न कि अतिरिक्त आर्थिक लाभ देना।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सुशील सिंगला द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता का कहना था कि उनकी पत्नी एक बैंक में कार्यरत हैं, जबकि वे अलग सरकारी संस्थान में कार्यरत हैं। दोनों अलग-अलग संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं, इसलिए दोनों HRA के हकदार हैं। हालांकि संबंधित निगम ने उनका HRA यह कहते हुए रोक दिया था कि उनकी पत्नी को पहले से सरकारी आवास की सुविधा मिली हुई है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि जब पति-पत्नी एक ही घर में रह रहे हों, तब एक ही मकान के लिए दो अलग-अलग HRA लेना नियमों की मूल भावना के खिलाफ है और इसे अनुचित लाभ माना जाएगा।

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