Edited By Isha, Updated: 28 Apr, 2026 08:45 AM

हरियाणा में शिक्षा विभाग की वित्तीय योजना पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग में करीब 400 करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो गई जिससे स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई अहम कार्य भी होने थे।
चंडीगढ़: हरियाणा में शिक्षा विभाग की वित्तीय योजना पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग में करीब 400 करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो गई जिससे स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई अहम कार्य भी होने थे।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि करीब 225 करोड़ रुपये की 15 महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरे वर्ष लंबित रहीं और समय पर खर्च न होने के कारण बजट वापस चला गया। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों के लिए करीब 310 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था लेकिन यह राशि भी खर्च नहीं हो सकी। वहीं, प्रमुख शिक्षा योजनाओं के लिए आवंटित 1,415 करोड़ रुपये में से केवल 240 करोड़ रुपये ही उपयोग हो पाए। पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बावजूद योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं।
इन परियोजनाओं में स्कूल भवनों का निर्माण, मरम्मत, कक्षाओं का विस्तार, शौचालय, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल थीं। बजट समय पर खर्च न होने से इन कार्यों में देरी हुई, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों और शिक्षकों पर पड़ रहा है।