Edited By Isha, Updated: 19 May, 2026 01:04 PM

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक सरकारी स्कूल से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ बच्चों के हाथों में किताबें देने और उन्हें पढ़ाने के बजाय, स्कूल स्टाफ द्वारा उनसे स्कूल परिसर
महेंद्रगढ़ : हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक सरकारी स्कूल से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ बच्चों के हाथों में किताबें देने और उन्हें पढ़ाने के बजाय, स्कूल स्टाफ द्वारा उनसे स्कूल परिसर और क्लासरूम का फर्श धुलवाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अभिभावकों में भारी रोष है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना स्कूल के कामकाजी घंटों (School Hours) के दौरान की है, जब बच्चों की कक्षाएं चल रही होनी चाहिए थीं। लेकिन शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई रुकवाकर उन्हें बाल्टियां और वाइपर थमा दिए।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छोटे-छोटे बच्चे भारी मन से स्कूल की गैलरी और कमरों में पानी डालकर फर्श साफ कर रहे हैं। इस घटना ने सरकारी दावों और शिक्षा के अधिकार (Right to Education) कानून की पोल खोल कर रख दी है। नियमों के मुताबिक, किसी भी शिक्षण संस्थान में बच्चों से ऐसा कोई शारीरिक श्रम या मजदूरी नहीं कराई जा सकती जिससे उनकी शिक्षा बाधित हो या उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़े। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में सफाई कर्मचारियों की लापरवाही या कमी का खामियाजा अक्सर मासूम बच्चों को भुगतना पड़ता है।
घटना की जानकारी मिलते ही कई अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण स्कूल परिसर में इकट्ठा हो गए और स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक अभिभावक ने गुस्से में कहा, "हम पेट काटकर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में इस उम्मीद के साथ भेजते हैं कि वे पढ़-लिखकर बड़े आदमी बनेंगे, इसलिए नहीं कि शिक्षक उन्हें स्कूल की सफाई के काम में लगा दें।" मामला तूल पकड़ते ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इस पर संज्ञान लिया है।
विभाग की ओर से स्कूल के मुख्य अध्यापक (Headmaster) और संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया गया है। बच्चों से जबरन काम करवाने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले स्टाफ पर सस्पेंशन (निलंबन) की कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में किसी भी स्कूल में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सभी प्राचार्यों को सख्त गाइडलाइंस जारी की जा रही हैं।