Edited By Deepak Kumar, Updated: 25 Jan, 2026 06:32 PM

यमुनानगर जिले के ममलीवाला गांव में बनने वाले ओवरब्रिज निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार की
यमुनानगर (परवेज खान) : यमुनानगर जिले के ममलीवाला गांव में बनने वाले ओवरब्रिज निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार की बू आने लगी है। करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज को वर्ष 2022 में मंजूरी मिली थी, लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हेरिटेज सरस्वती बोर्ड द्वारा अब तक ओवरब्रिज का निर्माण नहीं कराया गया, जिससे क्षेत्र के करीब 50 गांवों की कनेक्टिविटी पूरी तरह से बाधित हो गई है। आए दिन लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने सरस्वती बोर्ड के अधिकारियों के सामने अपना रोष जाहिर किया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से जब निर्माण में हो रही देरी और खर्च की जानकारी मांगी गई, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
बिना कार्य के ठेकेदार को कर दिया भुगतान
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां एक ओर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं हुआ, वहीं साल 2024 में करीब 2 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर कर दी गई, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। बिना कार्य के भुगतान किए जाने पर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ओवरब्रिज निर्माण कार्य को जल्द शुरू कर क्षेत्रवासियों को राहत दी जाए। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन और सरस्वती बोर्ड के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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