खेल मंत्री के चुनाव को चुनौती वाली याचिका से सबूत गायब, HC के रिकॉर्ड में नहीं मिली पैन ड्राइव

Edited By Manisha rana, Updated: 25 Jan, 2026 01:53 PM

evidence missing from petition challenging sports minister election

हरियाणा के राज्य मंत्री गौरव गौतम के पलवल विधानसभा सीट चुनाव को चुनौती देने वाली हाई प्रोफाइल चुनावी याचिका में बेहद गंभीर और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है।

चंडीगढ़ : हरियाणा के राज्य मंत्री गौरव गौतम के पलवल विधानसभा सीट चुनाव को चुनौती देने वाली हाई प्रोफाइल चुनावी याचिका में बेहद गंभीर और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिकॉर्ड से एक महत्वपूर्ण इलैक्ट्रॉनिक सबूत यानी पैन ड्राइव के गायब होने से न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पेन ड्राइव चुनाव याचिका करण सिंह दलाल बनाम गौरव गौतम मामले में एनेक्सचर पी-4 के रूप में दाखिल की गई थी, जिसमें चुनाव के दौरान कथित भ्रष्ट आचरण से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और स्क्रीनशॉट सुरक्षित थे।

करण सिंह दलाल ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को शिकायत दर्ज करवाई है कि 21 जनवरी 2026 को उन्हें चुनाव शाखा की ओर से सूचित किया गया कि अदालत की फाइल से पेन ड्राइव गायब है। उनके वकील को दोपहर करीब 12.06 बजे फोन कर बताया गया कि कागजी बंडल के पृष्ठ संख्या 72 पर प्लास्टिक पाऊच में लगी पेन ड्राइव को किसी ने निकाल लिया है। शिकायत में बताया गया है कि यह पेन ड्राइव सीरियल नंबर बीएम2409003429 जैड की थी, जिसमें वे सभी वीडियो और डिजिटल सबूत थे, जिनके आधार पर राज्य मंत्री गौरव गौतम पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया गया है। हैरानी की बात यह है कि हाईकोर्ट के 28 नवम्बर 2025 के आदेश में भी इन्हीं वीडियो सबूतों का उल्लेख किया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सामग्री मामले की रीढ़ है। शिकायत में करण सिंह दलाल ने आशंका जताई है कि पेन ड्राइव और उसका पाऊच जानबूझकर किसी साजिश के तहत हटाया गया है ताकि प्रतिवादी को अनुचित लाभ मिल सके और याचिकाकर्ता के मामले को कमजोर किया जा सके।

उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ सीधा खिलवाड़ बताते हुए रजिस्ट्रार से तत्काल गहन जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में पैरवी करने वाले हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल और भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मोहन जैन ने कहा कि अदालत की फाइल से प्राथमिक इलैक्ट्रॉनिक सबूत का गायब होना बेहद गंभीर मामला है, जो न्याय की निष्पक्षता और रिकॉर्ड की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रॉनिक्स साक्ष्य आधुनिक न्याय व्यवस्था में बेहद अहम हैं और इनके साथ छेड़छाड़ पूरी प्रक्रिया को दूषित कर सकती है। ज्ञात रहे कि जस्टिस अर्चना पुरी ने 28 नवम्बर 2025 को गौतम की साक्ष्यों के खिलाफ अर्जी को खारिज करते हुए कहा था कि याचिका में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया विचारणीय हैं और उनका फैसला साक्ष्यों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

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