Edited By Isha, Updated: 25 Jan, 2026 06:14 PM

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', अभियान के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। कैथल जिले के 10 गांवों ने लिंगानुपात के मामले में एक मिसाल पेश की है। इन गांवों में जन्म के समय बेटियों की संख्या लड़कों के मुकाबले अधिक दर्ज की गई है
कैथल: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', अभियान के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। कैथल जिले के 10 गांवों ने लिंगानुपात के मामले में एक मिसाल पेश की है। इन गांवों में जन्म के समय बेटियों की संख्या लड़कों के मुकाबले अधिक दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से योजना बनाई जा रही है कि जिन 10 गांवों में बेटियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, वहां विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन परिवारों और संबंधित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जा सकता है, जिन्होंने लिंग सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से अन्य गांवों को भी प्रेरणा मिलेगी। डिप्टी सिविल सर्जन डा. सचिन ने बताया कि लिंगानुपात बढ़ाने और घटाने वाले गांवों की सूची बनाई गई है। इन्हें लेकर आशा वर्कर की बैठक भी बुलाई जाएगी।
एक ओर जहां 10 गांवों ने खुशी की खबर दी है, वहीं जिले के कुछ अन्य गांवों में लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग की तरफ से ऐसे 10 गांवों की सूची बनाई गई है, जहां लिंगानुपात की स्थिति ज्यादा खराब है। स्वास्थ्य विभाग ने इन क्षेत्रों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकने के लिए निगरानी तेज की जाएगी और अवैध रूप से लिंग जांच करने वाले केंद्रों पर छापेमारी की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।