Edited By Manisha rana, Updated: 16 Mar, 2026 11:01 AM

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में दर्दनाक हादसे में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 5 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। यह घटना लाडवा-पिपली रोड स्थित मथाना गांव के पास एक ईंट-भट्टे पर हुई, जहां मजदूरी करने वाले परिवार का बच्चा खेलते-खेलते गड्ढे में गिर...
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में दर्दनाक हादसे में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 5 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। यह घटना लाडवा-पिपली रोड स्थित मथाना गांव के पास एक ईंट-भट्टे पर हुई, जहां मजदूरी करने वाले परिवार का बच्चा खेलते-खेलते गड्ढे में गिर गया। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार मृतक बच्चे का नाम राजकुमार था। उसके पिता मिथुन बिहार के लखीसराय जिले के महसाना गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब पांच महीनों से अपने परिवार के साथ मथाना गांव के पास अष्वनी अरोड़ा के जीएम ईंट-भट्टे पर काम कर रहे थे। मिथुन अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ भट्टे पर रहकर मजदूरी करता था। राजकुमार अपने भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था।
परिवार के अनुसार घटना के समय मिथुन दोपहर में ईंट-भट्टे पर काम कर रहा था और राजकुमार पास ही मिट्टी में खेल रहा था। कुछ देर बाद वह टॉयलेट के लिए चला गया। बताया जा रहा है कि टॉयलेट के बाद वह पास में बने पानी से भरे गड्ढे के पास हाथ धोने गया, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गड्ढे में जा गिरा। जब काफी देर तक राजकुमार वापस नहीं लौटा तो परिवार को चिंता हुई। मिथुन ने अपने बड़े बेटे को उसे ढूंढने के लिए भेजा, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। इसी दौरान पास में खेल रहे बच्चों में से एक ने बताया कि राजकुमार पानी से भरे गड्ढे में गिर गया है। यह सुनते ही परिवार और आसपास के लोग तुरंत गड्ढे की ओर दौड़े और बच्चे को बाहर निकाला।
गंभीर हालत में राजकुमार को तुरंत मथाना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। थाना सदर थानेसर में तैनात जांच अधिकारी एएसआई बलराम ने बताया कि घटना को लेकर इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि मजदूरी करने वाला यह परिवार हर साल ईंट-भट्टे के सीजन में काम करने के लिए यहां आता है और कुछ दिनों बाद उन्हें वापस अपने गांव लौटना था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
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