मंडियों में संग्राम की आहट: CM नायब सैनी से मुलाकात का समय मांगा, मांगें न मानी तो खरीद पर संकट!

Edited By Isha, Updated: 25 Mar, 2026 04:23 PM

state government should pay 13 more commission than the centre

प्रदेश के आढ़तियों ने सरसों व गेहूं की खरीद से पहले राज्य सरकार से मांग की है कि केंद्र सरकार से 13.875 रुपये अधिक कमीशन दिया जाए। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर सभी जि

चंडीगढ़: प्रदेश के आढ़तियों ने सरसों व गेहूं की खरीद से पहले राज्य सरकार से मांग की है कि केंद्र सरकार से 13.875 रुपये अधिक कमीशन दिया जाए। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर सभी जिला मुख्यालयों पर आढ़तियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम 13 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपे हैं।

सीएम नायब सैनी से भी फसल खरीद से पहले मुलाकात का समय भी मांगा है। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के पंजीकरण में छूट भी मांगी है। आढ़तियों का कहना है। पंजाब में बगैर जीएसटी पंजीकरण के कमीशन एजेंट काम कर सकते हैं। 

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामअवतार तायल ने हांसी जिला उपायुक्त राहुल नरवाल को मांग पत्र सौंपा। रोहतक में प्रदेश संयोजक हर्ष
गिरधर ने मांग पत्र सौंपा। डॉ. तायल और गिरधर ने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए 46 रुपये से 50.75 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन में बढ़ोतरी कर दी है। राज्य सरकार कमीशन के रूप में केंद्र से 9 रुपये अधिक देती है।

आढ़तियों की मांग है कि राज्य सरकार केंद्र की तरफ से घोषित कमीशन से 13.875 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दे। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जाने वाली फसलों सरसों, कपास, बाजरा, सूरजमुखी आदि के लिए आढ़त ढाई प्रतिशत दी जाए। किसानों के लिए तय गेटपास के नियमों को सरल करने की मांग की। जीएसटी की तरह ही आढ़तियों के सभी लाइसेंस आजीवन करने की भी मांग की है।

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