Edited By Isha, Updated: 16 Mar, 2026 12:56 PM

हरियाणा में मत्स्य पालन के क्षेत्र में किसानों के बढ़ते रुझान को देखते हुए केंद्र सरकार भी मछली पालकों की मदद के लिए आगे आई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य मछली पालन करने वालों
चंडीगढ़: हरियाणा में मत्स्य पालन के क्षेत्र में किसानों के बढ़ते रुझान को देखते हुए केंद्र सरकार भी मछली पालकों की मदद के लिए आगे आई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य मछली पालन करने वालों को खाद और खुराक के लिए किसानों को अनुदान दे रही है। संपदा योजना के तहत ताजे पानी में हरियाणा में मत्स्य पालन के क्षेत्र में किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है। हरियाणा मछली पालन में देशभर में दूसरे स्थान पर है।
2025-26 में प्रदेश में करीब 2.04 लाख टन मछली उत्पादन हुआ है। हिसार, भिवानी, सिरसा, रोहतक और करनाल में बड़े पैमाने पर मछली पालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिश्रित मत्स्य, स्कैम्पी, तिलापिया आदि प्रजाति की मछली पालने के लिए किसानों को अनुदान मिलता है। इस श्रेणी में इकाई लगाने का खर्च लगभग 4 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर आता है। केंद्र सरकार सामान्य वर्ग के किसानों को इकाई लगाने के लिए 40 प्रतिशत अनुदान देती है। अनुसूचित जाति और महिला लाभार्थियों के लिए 60 फीसदी तक अनुदान का प्रावधान है। योजना में आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड की कॉपी, बैंक पासबुक की कॉपी होनी चाहिए।