हरियाणा में महिला रैपिडो फेल? पायलट प्रोजेक्ट के लिए आए 50 से भी कम आवेदन... जानिए क्या है कारण

Edited By Isha, Updated: 16 Mar, 2026 11:32 AM

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हरियाणा में महिलाओं को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए महिला रैपिडो पायलट प्रोजेक्ट के लिए बेहद कम आवेदन आए हैं। 7 जिलों में जिला कल्याण अधिकारियों के माध्यम से 13 मार्च तक आवेदन मांगे गए थे मगर संबंधित जिलों में बेहद कम आवेदन आए हैं। 19 मार्च...

चंडीगढ़: हरियाणा में महिलाओं को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए महिला रैपिडो पायलट प्रोजेक्ट के लिए बेहद कम आवेदन आए हैं। 7 जिलों में जिला कल्याण अधिकारियों के माध्यम से 13 मार्च तक आवेदन मांगे गए थे मगर संबंधित जिलों में बेहद कम आवेदन आए हैं। 19 मार्च को योजना का शुभारंभ प्रस्तावित है। ऐसे में मुख्यालय के अधिकारी अगले दो-तीन दिनों में ही तय करेंगे कि आवेदन की तिथि बढ़ाए जाए या नहीं।

रैपिडो के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत दो पहिया वाहन चलाने में सक्षम महिलाओं के लिए योजना शुरू करने की तैयारी है। राज्य के सिरसा, पंचकूला, फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल और अंबाला जिलों को योजना में शामिल किया है। योजना के तहत 50 से कम आवेदन आए हैं, इसलिए आगामी सरकार से मंत्रणा के बाद विभाग आगामी निर्णय लेगा। महिला राइडर के जरिये ही महिलाओं को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए योजना शुरू होनी थी। नियमानुसार महिलाओं को संबंधित कंपनी वित्तीय मदद, भत्ते और अन्य सुविधाएं देगी।


सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अनुसूचित जाति-पिछड़ा वर्ग कल्याण (अंत्योदय) के अनुसार जिन जिलों का चयन किया गया है वहां यह देखा गया है कि मोबिलिटी से संबंधित कार्य करने वाली निजी कंपनी रैपिडो कार्य करती है। योजना के लिए 18 से 50 वर्ष तक आयु महिलाओं के आवेदन मांगे गए थे। अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को योजना के तहत वरीयता मिलेगी। निदेशक प्रशांत पंवार का कहना है कि जल्द ही योजना को लेकर विस्तृत जानकारी दी जाएगी आगे क्या होगा यह भी बताएंगे।
 

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