Edited By Isha, Updated: 06 Mar, 2026 01:04 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ और निर्माण कार्यों में होने वाली लेति-लतीफी को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राज्य में किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट का बजट अधिकारी
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ और निर्माण कार्यों में होने वाली लेति-लतीफी को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राज्य में किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट का बजट अधिकारी या ठेकेदार अपनी मर्जी से संशोधित (Revise) नहीं कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि किसी प्रोजेक्ट के बीच में काम बढ़ाया जाता है, तो उसके लिए अलग से नया टेंडर जारी करना होगा।
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एक प्रवृत्ति बन गई है कि 10 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू होकर विस्तार के नाम पर 20 करोड़ तक पहुँचा दिया जाता है। इससे 'एनहांसमेंट' और बजट घाटे जैसी समस्याएँ पैदा होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट एस्टीमेट बढ़ाने का यह रिवाज अब हरियाणा में नहीं चलेगा। यदि परियोजना में विस्तार की आवश्यकता है, तो पुराने ठेके में राशि जोड़ने के बजाय नई टेंडर प्रक्रिया अपनानी होगी।"
इस निर्णय के संबंध में सभी विभागों के उच्च अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह हस्तक्षेप पूंडरी विधायक सतपाल जांबा द्वारा पाई में कबड्डी अकादमी के निर्माण में बजट की कमी का मुद्दा उठाने पर किया। इस नए नियम से सरकारी कामों में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।