Edited By Manisha rana, Updated: 16 Mar, 2026 04:04 PM

अंबाला जिले में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल रात को हुई बारिश हुआ ओलावृष्टि से बिछ गई। अंबाला के आस-पास के इलाकों में गेहूं की फसल बर्बाद होने की कगार पर आ गई है।
अंबाला (अमन कपूर) : अंबाला जिले में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल रात को हुई बारिश हुआ ओलावृष्टि से बिछ गई। अंबाला के आस-पास के इलाकों में गेहूं की फसल बर्बाद होने की कगार पर आ गई है। गिरी हुई गेहूं की तस्वीर साफ तौर पर बता रही हैं कि किसानों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने अभी भी 19 से लेकर 21 मार्च तक वर्षा की और संभावना जताई है जिससे किसान काफी चिंतित नजर आ रहा है।
किसानों का कहना है कि यह एक प्राकृतिक आपदा तो है ही लेकिन यदि सरकार किसानों का साथ दे और स्पेशल गिरदावरी के आदेश जारी करें। किसानों ने कहा कि जिन किसानों को ओलावृष्टि व तेज हवाओं से गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा दिया जाए। वहीं किसानों का कहना है कि पिछली बार भी जीरे की फसल को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित रही। किसानों को मुआवजा देने के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा दिखा दिया गया। इसी के साथ-साथ सरसों की फसल भी गीली होने से अब उन्हें बेचने में काफी दिक्कत महसूस होगी। सरकार को जल्द ही फसल खरीद लेनी चाहिए। वहीं किसानों का कहना है कि गेहूं उगाने के लिए किसान को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है तब जाकर कहीं गेहूं पकने के कगार पर आती है। किसी को उम्मीद होती है कि वह गेहूं मंडी में बेचकर चार पैसे कमाएंगे, लेकिन देर रात आई बरसात और तेज तूफान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों ने कहा कि एक उनका सहारा ऊपर वाला है और दूसरा सरकार। अगर चाहे तो उन्हें मुआवजा देकर इस नुकसान की भरपाई की जा सकती है।
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