Edited By Manisha rana, Updated: 26 Mar, 2026 11:06 AM

हरियाणा के सरकारी विभागों में 590 करोड़ रुपए के घोटाले के बाद अब कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ए.सी.बी.) को सौंपते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली/ पंचकूला : हरियाणा के सरकारी विभागों में 590 करोड़ रुपए के घोटाले के बाद अब कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ए.सी.बी.) को सौंपते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पंचकूला नगर निगम अधिकारियों को घोटाले की जानकारी मिलते ही उन्होंने बैंक और हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया। मामले की जांच डी.सी.पी. कार्यालय द्वारा आर्थिक अपराध शाखा को दी गई थी लेकिन अब सरकार ने इसे ए.सी.बी. को ट्रांसफर कर दिया है।
जानकारी अनुसार पंचकूला नगर निगम का सैक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में खाता था जिसमें नगर निगम की 16 एफ.डी. जमा थीं। ये एफ.डी. एस.बी.आई. बैंक से ट्रांसफर की गई थीं। जांच में सामने आया है कि इनमें से 5 एफ. डी. का बैंक में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
आरोप पर बैंक ने दिया स्पष्टीकरण, दर्ज करवाई शिकायत
खातों में घोटाले के आरोपों पर कोटक महिंद्रा बैंक ने बुधवार को स्पष्टीकरण जारी कर दावा किया कि लेनदेन में नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है। बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा कि पंचकूला नगर निगम से मिले निर्देशों के अनुरूप बैंक ने निगम के सावधि जमा और संबंधित बैंक खातों में त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। समीक्षागत राशि का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम को हस्तांतरित दिया है और त्रुटियों को दूर करने की चरणबद्ध प्रक्रिया अभी जारी है। संचालन मानकों के अनुरूप और मामले की व्यापक तथा स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए बैंक ने पंचकूला पुलिस के पास औपचारिक शिकायत भी दर्ज करवाई है और बैंक जांच में नगर निगम, सरकारी अधिकारियों तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रहा है।
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