Edited By Isha, Updated: 26 Mar, 2026 12:20 PM

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में राइस मिलों की चल रही फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले दो ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद अब तीसरी ऑडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है, जिससे मिलर्स और प्रशासन के बीच हलचल तेज...
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में राइस मिलों की चल रही फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले दो ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद अब तीसरी ऑडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है, जिससे मिलर्स और प्रशासन के बीच हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि नई वायरल ऑडियो भी उसी एसोसिएशन पदाधिकारी की आवाज में है, जिसमें सभी राइस मिलर्स को एक मिल में इकट्ठा होकर PV टीम से बातचीत करने का संदेश दिया जा रहा है। हालांकि इन वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
वायरल वॉइस मैसेज में राजीव कुमार उर्फ बंटी नामक व्यक्ति कथित तौर पर मिलर्स को अंबे राइस मिल (सतीश सिंगला) में अर्जेंट मीटिंग के लिए बुला रहा है। मैसेज में कहा गया कि PV टीम सख्ती से जांच कर रही है, इसलिए सभी मिलर समय पर पहुंचें, ताकि टीम के साथ बैठकर बातचीत की जा सके। ऑडियो करीब 41 सेकंड का बताया जा रहा है।
इस ऑडियो के सामने आने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) में रोष बढ़ गया है। भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि जिस तरह धान घोटाले में गड़बड़ी सामने आई, उसी तरह अब PV टीम के साथ सेटिंग कर क्लीन चिट लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन को 30 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक कार्रवाई नहीं हुई, तो 30 मार्च को पिहोवा स्थित SDM कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा और आगे की रणनीति वहीं तय की जाएगी।
गौरतलब है कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 17 मार्च को धान घोटाले के मामले में पहली FIR दर्ज हुई थी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (DFSC) की जांच में चौधरी राइस मिल, नीमवाला में 24,318.75 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी कीमत करीब 5.81 करोड़ रुपए आंकी गई थी। बाद में भाकियू की मांग पर दोबारा जांच में यह कमी बढ़कर लगभग 33 हजार क्विंटल तक पहुंच गई।
इससे पहले वायरल हुई ऑडियो क्लिप्स में PV टीम को प्रति राइस मिल 15-15 हजार रुपए देने जैसे आरोप भी सामने आए थे। हालांकि संबंधित लोगों ने इन आरोपों से इनकार किया है और निष्पक्ष जांच की बात कही है। वहीं DFSC अधिकारी नरेश कुमार ने कहा कि फिलहाल उनके पास इस तरह की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पिहोवा में विभागीय टीम द्वारा नियमानुसार फिजिकल वेरिफिकेशन की जा रही है। यदि कोई शिकायत मिलती है, तो जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इधर, मिलर सतीश सिंगला ने वायरल ऑडियो में उनके नाम के इस्तेमाल को गलत बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंबे राइस मिल उनकी नहीं है और उनकी गणपति राइस मिल की वेरिफिकेशन पहले ही हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अंबे राइस मिल पिछले करीब 10 वर्षों से बंद पड़ी है।मामले में लगातार सामने आ रही ऑडियो क्लिप्स ने पूरे प्रकरण को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिस पर अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।