हरियाणा में उद्योग लगाना हुआ आसान: अब लीज पर मिलेगा प्लाट, CM सैनी ने की इस योजना को दिखाई हरी झंडी

Edited By Isha, Updated: 26 Mar, 2026 02:37 PM

setting up industries in haryana just got easier plots now available on lease

नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने नव उद्यमियों को लीज पर प्लाट देने का बड़ा निर्णय लिया है। हरियाणा के 23 जिलों में करीब एक दर्जन जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पड़ते हैं

चंडीगढ़ः  नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने नव उद्यमियों को लीज पर प्लाट देने का बड़ा निर्णय लिया है। हरियाणा के 23 जिलों में करीब एक दर्जन जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पड़ते हैं। यहां जमीन के रेट बहुत अधिक हैं, जिस कारण उद्यमियों के लिए नये उद्यम लगाना आसान नहीं है। प्रदेश सरकार ने उद्यमियों की इस समस्या को समझते हुए नये वित्तीय वर्ष में लैंड आन लीज नीति लागू करने का फैसला किया है। हरियाणा सरकार की लैंड आन लीज नीति के तहत उद्यमियों को लंबी अवधि के लिए लीज पर प्लाट किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इन प्लाटों को फ्री-होल्ड में परिवर्तित करने की सुविधा उद्यमियों को मिलेगी। हरियाणा औद्योगिक

एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) की और से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की देखरेख में लैंड आन लीज नीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साल 2026-27 के बजट में इस नीति की घोषणा की है। बजट पूर्व परामर्श बैठकों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को उद्यमियों ने महंगी जमीन होने की समस्या से अवगत कराया था, जिसके बाद सरकार ने लैंड आन लीज नीति तैयार करने का निर्णय लिया है। 

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर के प्रस्ताव के अंतर्गत नये उद्योगों की स्थापना और इकाइयों के शीघ्र परिचालन को बढ़ावा देने के लिए एचएसआइआइडीसी द्वारा प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधाओं के साथ औद्योगिक फैक्ट्रियां व शेड भी विकसित होंगे। निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर एक डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें, कोविड के बाद उपजी कठिनाइयों का अभी तक भी सामना कर रहे एचएसआइआइडीसी के 500 से अधिक प्लाटधारकों पर रिजंपशन की तलवार लटकी हुई है। उन्हें राहत देते हुए हरियाणा सरकार ने निर्माण की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

 हरियाणा में औद्योगिक निवेश की अपार संभावना है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण राज्य के शहर काफी उत्पादक श्रेणी में आते हैं। निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने से बचाने को सरकार ने फरीदावाद, गुरुग्राम, मानेसर व रेवाड़ी में सभी संबंधित विभागों के संयुक्त औद्योगिक सचिवालय वनाने का फैसला किया है। कामकाजी महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक मातृ शक्ति औद्योगिक क्रेच नेटवर्क शुरू करने की योजना है।

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