Haryana: पंचकूला में स्थापित होगी HIV वायरल लोड टेस्टिंग लैब, हर साल 15000 से ज्यादा होंगे टेस्ट

Edited By Manisha rana, Updated: 27 Mar, 2026 10:08 AM

hiv viral load testing lab to be set up in panchkula

हरियाणा के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पंचकूला के सिविल अस्पताल में एच.आई.वी. वायरल लोड टैस्टिंग लैब स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है। यह राज्य की दूसरी ऐसी समर्पित लैब होगी, जबकि पहली सुविधा रोहतक में पहले से...

चंडीगढ़ : हरियाणा के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पंचकूला के सिविल अस्पताल में एच.आई.वी. वायरल लोड टैस्टिंग लैब स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है। यह राज्य की दूसरी ऐसी समर्पित लैब होगी, जबकि पहली सुविधा रोहतक में पहले से संचालित है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, इस लैब को करीब 1.65 करोड़ रुपए की वार्षिक लागत पर स्वीकृति मिली है और यहां हर साल लगभग 15,000 टैस्ट किए जाने का अनुमान है।

इस नई लैब को स्थापित करने के लिए अस्पताल में पहले से मौजूद कोविड-19 मॉलिक्यूलर टैस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जाएगा, जिससे इसे तेजी से शुरू किया जा सकेगा। साथ ही, आवश्यक अतिरिक्त उपकरण भी खरीदे जाएंगे। यह परियोजना हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के सुझावों पर आधारित है, जबकि इसका तकनीकी मूल्यांकन राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा किया गया है। तय मानकों के अनुसार, प्रति वायरल लोड टैस्ट की लागत 1100 रुपए निर्धारित की गई है। राज्य पर नहीं पड़ेगा वित्तीय बोझः इस परियोजना की खास बात यह है कि लैब की स्थापना और संचालन का पूरा खर्च द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

मरीजों को मिलेगा सीधा लाभः वर्तमान में हरियाणा के सभी जिलों से एच.आई.वी. सैंपल जांच के लिए पी. जी.आई.एम.एस. रोहतक भेजे जाते हैं, जिससे समय लगता है। नई लैब के शुरू होने से जांच प्रक्रिया तेज होगी और मरीजों की नियमित निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वायरल लोड टैस्टिंग एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के लिए बेहद जरूरी होती है। इससे यह पता चलता है कि एंटीरेट्रोवायरल थैरेपी कितनी प्रभावी है और इलाज में किसी भी प्रकार की विफलता या दवा प्रतिरोध को समय रहते पहचाना जा सकता है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण की दिशा में कदमः यह पहल हरियाणा सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विशेष स्वास्थ्य सेवाओं को विकेंद्रित कर लोगों तक उनकी पहुंच आसान बनाना है। मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और केंद्र सरकार के सहयोग से यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। नई लैब के शुरू होने से एच.आई.वी. जांच में तेजी आएगी, इलाज की निगरानी मजबूत होगी और अंततः मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।

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