Edited By Manisha rana, Updated: 27 Mar, 2026 03:38 PM

महंगाई के इस जमाने में अब आम आदमी से सब कुछ दूर होता जा रहा है। इस महंगाई को लेकर आज यमुनानगर के ईंट भट्ठा मालिकों ने एक अहम बैठक की। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि क्यों ना अब ईंटों के रेट को भी बढ़ा दिया जाए, क्योंकि कोयले के रेट में लगातार काफी...
यमुनानगर (परवेज खान) : महंगाई के इस जमाने में अब आम आदमी से सब कुछ दूर होता जा रहा है। इस महंगाई को लेकर आज यमुनानगर के ईंट भट्ठा मालिकों ने एक अहम बैठक की। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि क्यों ना अब ईंटों के रेट को भी बढ़ा दिया जाए, क्योंकि कोयले के रेट में लगातार काफी बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में 1000 ईंट के ऊपर कोयला काफी खर्च हो रहा है जो कि अब एट भट्ठा मलिक उसे सहन नहीं कर पा रहे।
हालांकि इन भट्ठा मालिकों का यह भी कहना है कि अब ईंट भट्ठा घाटे का सौदा है, लेकिन मजबूरी में उन्हें यह चलाना पड़ रहा है क्योंकि अब वह काम भी कुछ और नहीं कर सकते। एक तरफ मिट्टी के रेट में काफी बढ़ोतरी हो रही है तो दूसरी तरफ कोयले के रेट में जिसको लेकर एक मीटिंग की गई। मीटिंग के बाद ईंट के रेट को 6500 से बढ़कर उसे 7500 से ₹8000 तक कर दिया गया है।
वहीं इन ईंट भट्ठा मालिकों ने यह भी कहा है कि यह रेट यही नहीं रहेगा, अगर कोयले के रेट में इजाफा और होता है तो 10 दिन के बाद एक और बड़ी बैठक होगी। इसके बाद ईंट के रेट को और बढ़ा दिया जाएगा। ऐसे में अगर इन इंटर के रेट यूं ही बढ़ते रहे तो आम आदमी के हाथों से मकान बनाना भी दूर होता नजर आ रहा है, क्योंकि पहले से ही बजरी और सीमेंट सरिया का रेट काफी बढ़ चुका है और अब जब ईट का रेट भी बढ़ेगा तो आम लोगों के लिए यह बड़ा चिंता का विषय है।
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