Edited By Manisha rana, Updated: 27 Mar, 2026 04:23 PM

हरियाणा की मंडियों में 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है।
रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : हरियाणा की मंडियों में 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इस बार खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।
मंडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरसों बेचने के लिए किसान को तीन गवाह लाने की बात पूरी तरह से अफवाह है। किसान अपने पंजीकरण के अनुसार स्वयं फसल बेच सकता है। साथ ही, किसान अपने नाम के अलावा अधिकतम तीन अन्य लोगों को भी अपनी उपज बेचने के लिए अधिकृत कर सकता है।
अधिकारियों के अनुसार ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट होना जरूरी है, लेकिन यदि किसी किसान के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं है, तब भी उसे अपनी फसल बेचने से नहीं रोका जाएगा। यह निर्णय किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रेवाड़ी जिले में करीब 56,000 किसानों ने सरसों बिक्री के लिए अपना पंजीकरण कराया हुआ है।
हालांकि इस बार निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6200 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक बाजार भाव मिलने के कारण कई किसान निजी खरीददारों को सरसों बेच रहे हैं। वर्तमान में निजी बाजार में सरसों के भाव 5500 से 6700 रुपए प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं, जिससे किसानों में संतोष देखा जा रहा है। अब तक निजी खरीददारों द्वारा 50 हजार क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद की जा चुकी है।
वहीं मंडी अधिकारियों का कहना है कि सरकारी खरीद शुरू होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। इस बीच, अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि मंडियों में स्थित अटल कैंटीन में गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, ताकि किसानों और मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडी अधिकारी सत्य प्रकाश यादव और मनीष कुमार ने रेवाड़ी की नई अनाज मंडी का दौरा कर खरीद तैयारियों का जायजा लिया और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।