हरियाणा में बुजुर्गों को मिला सहारा, सरकार ने बनाई ये खास योजना... केवल इन्हें मिलेगा लाभ

Edited By Isha, Updated: 15 Mar, 2026 12:29 PM

support for the elderly in haryana

उम्र के आखिरी पड़ाव में अकेलेपन का दंश झेल रहे हरियाणा के बुजुर्गों के लिए एक बेहद सुकून भरी खबर है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'प्रहरी' योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब प्रदेश भर में एक हजार 'स्वयंसेवकों' की फौज उतारने का फैसला किया है। ये

चंडीगढ़: उम्र के आखिरी पड़ाव में अकेलेपन का दंश झेल रहे हरियाणा के बुजुर्गों के लिए एक बेहद सुकून भरी खबर है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'प्रहरी' योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब प्रदेश भर में एक हजार 'स्वयंसेवकों' की फौज उतारने का फैसला किया है। ये वॉलंटियर न सिर्फ नियमित रूप से बुजुर्गों के घर जाकर उनका हालचाल जानेंगे, बल्कि बीमारी या किसी अन्य जरूरत के वक्त तुरंत सरकारी मशीनरी को एक्टिव कर उनकी मदद भी सुनिश्चित करेंगे।

 
दरअसल, साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए इस अनूठी योजना का खाका खींचा था। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे नई रफ्तार देते हुए इसके लिए अलग से बजट का भी भारी-भरकम प्रावधान कर दिया है। सरकार की इस पहल से उन बुजुर्गों को सबसे बड़ा संबल मिलेगा, जिनके बच्चे नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में दूर शहरों या विदेशों में बस गए हैं।

 
प्रहरी योजना के इस राज्यव्यापी विस्तार का सीधा असर हरियाणा के करीब तीन लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की जिंदगी पर पड़ेगा। मैदान में उतरे ये स्वयंसेवक सिर्फ हालचाल पूछने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आपात स्थिति में एंबुलेंस बुलाने से लेकर अन्य सामाजिक सेवाओं का लाभ दिलाने तक हर मोर्चे पर मुस्तैद दिखेंगे। एक तरह से ये वॉलंटियर बुजुर्गों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेंगे।
 

इस नेक काम में राज्य सरकार ने समाज के उन रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को भी शामिल करने का फैसला किया है, जो अपनी दूसरी पारी में समाजसेवा का जज्बा रखते हैं। फिलहाल रोहतक, गुरुग्राम, भिवानी और पंचकूला समेत प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों में डे-केयर सेंटर शानदार तरीके से चल रहे हैं। इन सेंटरों का मुख्य मकसद बुजुर्गों को दिन के वक्त एक ऐसा खुशनुमा और सुरक्षित माहौल देना है, जहां वे अपनी हमउम्र संगत के साथ अपना अकेलापन बांट सकें।
 

बुजुर्गों को स्थायी छत और पक्का आसरा देने के लिए राज्य के हर प्रमुख शहर में 'वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम' खोलने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है। रेवाड़ी और करनाल में ये आश्रम बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 14 नए स्थानों को भी इस नेक काम के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इसके अलावा, पानीपत और अंबाला में रेडक्रॉस सोसाइटी अपना मोर्चा संभाले हुए है, वहीं पंचकूला में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड का आधुनिक वृद्धाश्रम बेसहारा बुजुर्गों के लिए एक बड़ी उम्मीद बना हुआ है।

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