Edited By Isha, Updated: 21 Mar, 2026 06:28 PM

:हरियाणा सरकार ने बिजली (ऊर्जा) विभाग में लंबे इंतजार के बाद स्थायी प्रशासनिक नेतृत्व बहाल करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशिमा बरार को कमिश्नर एवं सचिव के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी ):हरियाणा सरकार ने बिजली (ऊर्जा) विभाग में लंबे इंतजार के बाद स्थायी प्रशासनिक नेतृत्व बहाल करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशिमा बरार को कमिश्नर एवं सचिव के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब विभाग पिछले करीब 37 दिनों से नियमित मुखिया के बिना कार्य कर रहा था। फरवरी माह में राज्य सरकार ने 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव पद से रिलीव कर उनकी सेवाएं केंद्र सरकार को सौंप दी थीं। केंद्र में उन्हें दूरसंचार विभाग के अंतर्गत डिजिटल भारत निधि में एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर नियुक्ति मिली है। मिश्रा के जाने के बाद ऊर्जा विभाग का कामकाज लिंक ऑफिसर के भरोसे चल रहा था।
लिंक ऑफिसर के पास पहले से ही अन्य विभागों का जिम्मा होने के कारण ऊर्जा विभाग के दैनिक कार्यों पर पूरा फोकस नहीं रह पाना स्वाभाविक था। ऐसे में फाइलों का लंबित होना और निर्णय प्रक्रिया में देरी होना भी चर्चा का विषय बना रहा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कई अहम फाइलें लंबित रहीं, जिन पर अब तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। नई नियुक्त कमिश्नर एवं सचिव आशिमा बरार को एक सक्षम और अनुभवी अधिकारी माना जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न अहम विभागों में काम किया है, जिससे उन्हें प्रशासनिक समन्वय और निर्णय क्षमता का व्यापक अनुभव है। बिजली विभाग जैसे संवेदनशील और जनहित से जुड़े क्षेत्र में उनका यह अनुभव काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
वहीं, ऊर्जा विभाग के लिए यह समय बेहद अहम माना जा रहा है। प्रदेश में गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है और हर साल की तरह इस बार भी बिजली की मांग में तेजी से बढ़ोतरी होना तय है। फरवरी और मार्च महीनों में आमतौर पर जो तैयारियां—जैसे ट्रांसफॉर्मर की मेंटेनेंस, लाइन लॉस की समीक्षा, और लोड मैनेजमेंट की रणनीति—रूटीन में पूरी कर ली जाती हैं, वे इस बार देरी से पूरी होंगी।
इसके अलावा, ऊर्जा मंत्री की अस्वस्थता के चलते विभाग के मंत्री अनिल विज के स्तर र फाइलों को घर से लगातार निकाला जाता रहा है।।जबकि ऐसे में अब आशिमा बरार के सामने दोहरी चुनौती है—एक तरफ लंबित कार्यों को तेजी से निपटाना और दूसरी तरफ आगामी गर्मी के सीजन में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना।