हरियाणा में इन किसानों की हुई  चांदी, CM सैनी ने खोला खजाना... 5 साल तक मिलेगी वित्तीय सहायता

Edited By Isha, Updated: 19 Mar, 2026 06:23 PM

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने को लेकर काफी गंभीर है। साल 2026-27 के बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई है।

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने को लेकर काफी गंभीर है। साल 2026-27 के बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई है। जैविक-प्राकृतिक खेती प्रमाणीकरण के लिए हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी (एपीडा) को एक प्रमाणीकरण संस्था बनाया जाएगा। एपीडा से प्रमाणित किसानों को अगले पांच वर्षों तक 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान मिलेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को विधानसभा में विधायकों को संबोधित कर रहे थे। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की अगुवानी करते हुए उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी जनप्रतिनिधियों को काम करना चाहिए। कुछ विषय ऐसे होते हैं, जो दलगत राजनीति से ऊपर होते हैं, इसलिए हम सभी का यह दायित्व बनता है कि प्राकृतिक खेती को अपने जीवन में तो उतारें ही, उसके साथ ही किसानों को भी इसके बारे जागरूक करें।

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत का स्वागत करते हुए कहा कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और प्राकृतिक जीवन शैली के सशक्त प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा, शिक्षा और विशेष रूप से प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए समर्पित किया है। आचार्य देवव्रत देश के कोने-कोने में जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में किसान पेस्टीसाइड, यूरिया और रासायनिक खाद का अत्यधिक मात्रा में उपयोग कर रहे हैं, जिससे वातावरण भी प्रदूषित होता है और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान प्रदेश है और प्राकृतिक खेती का माडल किसानों के लिए एक नई दिशा प्रस्तुत करता है। आचार्य देवव्रत के गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 180 एकड़ भूमि में बने प्राकृतिक कृषि फार्म में केवल गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार जीवामृत, घनामृत और बीजामृत का ही प्रयोग किया जाता है।


खेती की यह पद्धति अल्प बजट पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक खेती योजना वर्ष 2022 में शुरू की थी। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक प्राकृतिक खेती पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल पर प्रदेश में 31 हजार 873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए 19 हजार 723 किसानों ने अपना सत्यापन करवाया है। अब तक 12 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जींद के हमेटी में सभी सरपंचों को एक दिवसीय आनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है।

 

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