Edited By Isha, Updated: 19 Mar, 2026 04:08 PM

हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव के दौरान अपने विधायकों के वोट रद्द किए जाने और कथित धांधली के खिलाफ अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का...
चंडीगढ़: हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव के दौरान अपने विधायकों के वोट रद्द किए जाने और कथित धांधली के खिलाफ अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का औपचारिक निर्णय लिया है।
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए मतदान में कांग्रेस के करमवीर बौध ने बेहद करीबी अंतर से जीत तो दर्ज की, लेकिन इस प्रक्रिया में कांग्रेस के 4 वोट अवैध घोषित कर दिए गए। इसके अलावा, पार्टी के 5 विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग की खबरें भी सामने आईं। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव अधिकारियों ने सत्ता पक्ष के दबाव में आकर उनके वैध वोटों को तकनीकी आधार पर रद्द किया, ताकि विपक्षी उम्मीदवार को कमजोर किया जा सके।
पार्टी का कहना है कि निर्वाचन अधिकारी (RO) ने वोटों की स्क्रूटनी के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती। कांग्रेस के कानूनी जानकारों का कहना है कि वे कोर्ट से मतदान की पूरी वीडियोग्राफी और रिकॉर्ड तलब करने की मांग करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष ने इसे 'जनादेश की चोरी' और 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है।
कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ वकीलों की एक टीम को याचिका तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। पार्टी न केवल वोट रद्द होने के खिलाफ स्टे की मांग करेगी, बल्कि उन परिस्थितियों की भी जांच चाहेगी जिनमें ये निर्णय लिए गए। दूसरी ओर, भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने भी एक कांग्रेस विधायक (भारत सिंह बेनीवाल) के वोट की वैधता को चुनौती देते हुए कोर्ट जाने के संकेत दिए हैं।