Edited By Isha, Updated: 19 May, 2026 11:47 AM

पश्चिमी यमुना नहर के सौंदर्यीकरण और पक्का करने के कार्य के दौरान आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। नहर की पटरी अचानक धंसने से एक पोकलेन मशीन सीधे गहरे पानी में जा गिरी। इस हादसे में मशीन
यमुनानगर(परवेज): पश्चिमी यमुना नहर के सौंदर्यीकरण और पक्का करने के कार्य के दौरान आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। नहर की पटरी अचानक धंसने से एक पोकलेन मशीन सीधे गहरे पानी में जा गिरी। इस हादसे में मशीन के केबिन के अंदर पानी भर जाने के कारण चालक की दम घुटने से मौत हो गई। मृतक चालक की पहचान प्रीतम के रूप में हुई है, जो पंजाब का रहने वाला था। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर ठेकेदार और निर्माण कंपनी की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
चश्मदीदों के मुताबिक, नहर को एक तरफ से पक्का और दूसरी तरफ से कच्ची पटरी को दुरुस्त करने का काम चल रहा था। कच्ची नहर में अचानक पानी का बहाव बढ़ जाने के कारण वहाँ की मिट्टी को खोदकर पक्की नहर में डाइवर्ट किया जा रहा था। सुबह जैसे ही चालक प्रीतम ने पोकलेन मशीन से किनारे की मिट्टी को ठीक करना शुरू किया, तभी पैर तले की जमीन खिसक गई। पटरी धंसते ही भारी-भरकम पोकलेन सीधे नहर में पलट गई। दुर्भाग्य से, जिस तरफ चालक की खिड़की और केबिन का दरवाजा था, वह हिस्सा नीचे की ओर पानी और गाद में धंस गया, जिससे प्रीतम अंदर ही फंस गया।
इस हादसे ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले दो दिनों से नहर की पटरी धंसने की शिकायतें और सूचनाएं ठेकेदार को लगातार मिल रही थीं। इसके बावजूद, खतरे को भांपते हुए भी न तो वहाँ काम रोका गया और न ही पटरी को मजबूत करने के कोई इंतजाम किए गए। इसी लापरवाही की कीमत आज एक मासूम कामगार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
घटना के बाद मौके पर मौजूद सब-ठेकेदार की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि हादसे के बाद उसने न तो स्थानीय पुलिस को सूचित किया और न ही प्रशासनिक अधिकारियों को। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।