Edited By Manisha rana, Updated: 08 May, 2026 10:36 AM

यमुनानगर में मानसून सीजन को देखते हुए सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पिछले साल आई बाढ़ और भारी जलभराव से हुए नुकसान के बाद इस बार विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
यमुनानगर (परवेज खान) : यमुनानगर में मानसून सीजन को देखते हुए सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पिछले साल आई बाढ़ और भारी जलभराव से हुए नुकसान के बाद इस बार विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। यमुनानगर में यमुना, पथराला और सोम नदी के किनारों को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से नदी तटों को पक्का किया जा रहा है ताकि बरसात के दौरान कटाव और बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। सबसे ज्यादा फोकस तिहानो गांव के पास सोम नदी के तट पर किया जा रहा है। यहां पत्थरों से तट को मजबूत बनाया जा रहा है।

विभाग का कहना है कि पिछले साल मानसून के दौरान सोम नदी में पानी बढ़ने से तिहानो गांव की करीब 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई थी। खेतों में कई दिनों तक पानी भरा रहा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इतना ही नहीं, तिहानो गांव समेत दर्जनों गांव जलमग्न हो गए थे। लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया था और गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन और सिंचाई विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सभी कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं और 15 जून तक काम पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है। विभाग का दावा है कि तय समय पर काम पूरा होने के बाद इस बार मानसून में बाढ़ और कटाव के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। फिलहाल प्रशासन की नजर लगातार नदी क्षेत्रों पर बनी हुई है और मशीनों के जरिए दिन-रात काम जारी है।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)