Edited By Isha, Updated: 07 May, 2026 01:51 PM

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पंचकूला की वर्तमान स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो शहर कभी हरियाणा का 'शिरोमणि' कहलाता था, आज भाजपा की
पंचकूला: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पंचकूला की वर्तमान स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो शहर कभी हरियाणा का 'शिरोमणि' कहलाता था, आज भाजपा की अनदेखी के कारण वह 'प्रॉब्लम सिटी' बन चुका है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पिछले 12 सालों में भाजपा शासन ने पंचकूला को विकास के बजाय विनाश की ओर धकेला है।
सुरजेवाला ने नगर निगम में हुए कथित 160 करोड़ रुपये के घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी से जवाब मांगा। उन्होंने कहा, "घोटाले के आरोपी सरकार के संरक्षण में बैठे हैं, जबकि छोटे कर्मचारियों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। बैंक लूटे गए, लेकिन सरकार ने एक शब्द नहीं बोला।"
कांग्रेस नेता ने शहर की तुलना पड़ोसी शहरों से करते हुए कहा कि जहाँ मोहाली को आईटी और कॉरपोरेट हब बनाया गया और चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी गईं, वहीं पंचकूला के साथ 'सौतेला व्यवहार' किया गया। उन्होंने कहा कि आज पंचकूला में शिक्षा (Education) का 'ई' भी नजर नहीं आता।
12 साल बाद भी नगर निगम अपना कार्यालय तक नहीं बना पाया है। सेक्टर-9, 11 और 12 के कम्युनिटी सेंटरों पर निगम ने खुद कब्जा कर रखा है।सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट न होने से शहर कूड़ेदान में तब्दील हो गया है। सफाई के नाम पर टैक्स वसूला जा रहा है लेकिन सुविधा शून्य है।शहर आवारा कुत्तों, बंदरों और गायों के आतंक की भेंट चढ़ गया है। घग्गर पार के इलाकों में लोग डरे हुए हैं।शहर में ड्रग्स का कारोबार, चेन स्नैचिंग, हत्या और चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं।
जुमले की दुकान है भाजपा
सुरजेवाला ने घग्गर नदी के सुंदरीकरण और गरीबों को फ्लैट देने के वादों को 'झूठा' करार दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने सिर्फ 'डबल लूट' मचाई है। वहीं, सुधा भारद्वाज ने भी सुरजेवाला की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले 25 सालों से पंचकूला की जनता इन समस्याओं से जूझ रही है और अब समय 'परिवर्तन' का है। सुरजेवाला ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी ने पंचकूला की तस्वीर बदलने का फैसला लिया है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अब इस 'नॉन-परफॉर्मिंग' सरकार को जवाब देने का वक्त आ गया है।