Edited By Isha, Updated: 07 May, 2026 08:45 AM

जींद जिले के खोखरी गांव में पांच वर्षों से चला आ रहा गंदे पानी के नाले के निर्माण का विवाद आज प्रशासन की मौजूदगी में एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। उप तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर पुलिस
जींद(अमनदीप पिलानिया): जींद जिले के खोखरी गांव में पांच वर्षों से चला आ रहा गंदे पानी के नाले के निर्माण का विवाद आज प्रशासन की मौजूदगी में एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। उप तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर पुलिस बल व अन्य अधिकारियों के साथ नाला बनवाने पहुंचे प्रशासन ने लंबी बातचीत के बाद कार्य को अगले बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।नायब तहसीलदार ने दोनों पक्षों (ग्राम पंचायत खोखरी और जसबीर) को सुनने के बाद अगले बुधवार तक समय दिया है। इस दौरान पंचायत को अपने पूरे कागजात तैयार करने और जसबीर पक्ष को कोर्ट के स्टे ऑर्डर संबंधी दस्तावेज पेश करने का मौका दिया गया है। यदि सहमति बनती है तो बातचीत से भी समाधान निकाला जा सकता है।

दोनों पक्षों के दावे
जसबीर का कहना है कि नाले के निर्माण पर उन्होंने कोर्ट से स्टे ऑर्डर प्राप्त कर रखा है। वहीं ग्राम पंचायत खोखरी का दावा है कि स्टे चार साल पुराना है और वर्तमान में नाले के निर्माण पर कोई रोक नहीं है। नायब तहसीलदार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए फैसला स्थगित कर दिया।गौरतलब है कि नाला निर्माण के दौरान जसबीर द्वारा मजदूरों को काम करने से रोका जा रहा था और कार्य में बाधा डाली जा रही थी। इस समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत खोखरी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की थी।

जिलाधीश का आदेश
माननीय जिलाधीश जींद के आदेश क्रमांक 6696/एम.ए. दिनांक 13/08/2025 के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 16(1) व 17(2) के अंतर्गत उप तहसीलदार जींद को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कोर्ट केस या स्टे पाया जाता है तो खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जींद कोर्ट आदेश के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।अगले बुधवार को इस मामले में आगे की कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल नाला निर्माण का कार्य रोक दिया गया है। पूरा मामला गांव में तनाव का कारण बना हुआ है।