Edited By Manisha rana, Updated: 07 May, 2026 11:00 AM

सोनीपत जिले में शराब तस्करी का बेहद चौंकाने वाला और सुनियोजित मामला सामने आया है। स्नो स्प्रे के नाम पर बुक किए गए 30 सीलबंद बॉक्सों में अंग्रेजी शराब छिपाकर बिहार के पटना भेजी जा रही थी।
सोनीपत : सोनीपत जिले में शराब तस्करी का बेहद चौंकाने वाला और सुनियोजित मामला सामने आया है। स्नो स्प्रे के नाम पर बुक किए गए 30 सीलबंद बॉक्सों में अंग्रेजी शराब छिपाकर बिहार के पटना भेजी जा रही थी। इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब लॉजिस्टिक्स कंपनी के ऑडिट के दौरान बॉक्सों की जांच की गई। मामला सामने आते ही कंपनी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
गांव गढ़ी गसीटा निवासी रविंद्र, जो एक निजी लॉजिस्टिक्स कंपनी में मैनेजर हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 5 मई को वह सिद्धार्थ कॉलोनी स्थित ब्रांच में ऑडिट के लिए पहुंचे थे। ऑडिट के दौरान गोदाम में रखे 30 बॉक्स बिहार के पटना भेजे जाने के लिए तैयार थे। पहली नजर में सब सामान्य लगा लेकिन जब बॉक्स उठाए गए तो वे असामान्य रूप से भारी लगे। साथ ही उनमें से शराब जैसी तेज गंध भी आ रही थी। संदेह गहराने पर जब बॉक्स खोले गए तो इनमें अंग्रेजी शराब के पव्वे भरे हुए थे। एक-एक कर सभी 30 बॉक्स खोले गए जिनमें कुल 144 पव्वे शराब बरामद हुई।
रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि यह खेप सोनीपत के इंद्रलोक स्थित दीपक ट्रेडिंग कंपनी की ओर से बुक करवाई गई थी। दस्तावेजों में माल को स्नो स्प्रे बताया गया जबकि हकीकत में बॉक्सों में शराब भरी हुई थी। साफ है कि फर्जी बिल और गलत जानकारी देकर लॉजिस्टिक्स कंपनी को धोखे में रखकर तस्करी की जा रही थी। ब्रांच इंचार्ज अंशुल के मुताबिक यह माल एक टैंपो के जरिए गोदाम तक पहुंचाया गया था। टैंपो चालक और कथित मालिक के मोबाइल नंबर भी सामने आए हैं जिन्हें पुलिस ने अपने राडार पर ले लिया है।
कंपनी ने झाड़ा पल्ला, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग: लॉजिस्टिक्स कंपनी प्रबंधन ने साफ किया है कि उनके नियमों के तहत शराब या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ की ढुलाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। उनका कहना है कि भेजने वाले ने फर्जी दस्तावेज और गलत बिलिंग कर कंपनी को गुमराह किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। टैम्पो चालक, बुकिंग करवाने वाले और माल भेजने वाली फर्म के बीच कनैक्शन खंगाले जा रहे हैं। शुरूआती जांच में यह मामला संगठित तस्करी गिरोह से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)