हरियाणा के स्कूलों-अस्पतालों के ऊपर से हटाई जाएगी हाईटेंशन तार, विज खुद रखेंगे नजर...

Edited By Manisha rana, Updated: 08 May, 2026 09:02 AM

high tension wires removed from schools and hospitals in haryana

हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा है कि प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों के ऊपर से गुजर रही खतरनाक बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र शिफ्ट किया जाएगा।

चंडीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा है कि प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों के ऊपर से गुजर रही खतरनाक बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक समर्पित सैल का गठन किया जाए, ताकि कार्य की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

इस संबंध में जानकारी देते हुए विज ने बताया कि गठित सैला खतरनाक बिजली लाइनों की शिफ्टिंग से संबंधित सभी कार्यों की सतत निगरानी करेगा तथा प्रत्येक 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट ऊर्जा मंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने पंचकूला स्थित मुख्य अभियंता (ऑप्रेशन) की अध्यक्षता में विशेष सैल गठित किया है, जिसमे एक अधीक्षक अभियंता, संबंधित आप्रेशन सर्कल के क्सियन/एस.डी. ओ. तथा एक्सियन (योजना) को शामिल किया गया है।

33 के.वी. की 21 लाइनें की गई शिफ्ट

विज ने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत 33 के. वी. बिजली लाइनों को शिफ्ट करने हेतु कुल 27 व्यवहारिक स्थलों की पहचान की गई थी, जिनमें से सभी 27 कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इनमें से 21 लाइनों (77.8 प्रतिशत) की शिफ्टिंग पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष 6 लाइनों पर कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार, स्कूलों, कालेजों, अस्पतालों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए निगम द्वारा 1299 स्थान चिन्हित किए गए। इनमें से 1116 लाइनों (85.9 प्रतिशत) को सफलतापूर्वक शिफ्ट किया जा चुका है, जबकि 183 लाइनों पर कार्य तेजी से जारी है। 

विज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं कि शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 2 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 4 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय से अधिक अवधि तक बिजली बाधित रहती है, तो संबंधित अधिकारियों, विशेषकर अधीक्षण अभियंता (एस.ई.), के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा गंभीर मामलों में निलंबन तक की कार्रवाई संभव होगी।

मैंटेनेंस कार्यों के दौरान पर्याप्त उपकरण और सुरक्षा साधन उपलब्ध हों

विज ने ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन और मुरम्मत कार्यों को लेकर भी आवश्यक निर्देश जारी किए हुए हैं, जिसके तहत मैंटीनेंस स्टाफ के पास सभी आवश्यक उपकरण, सुरक्षा साधन तथा ट्रांसफार्मर ट्रॉली उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी का त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हुए हैं कि भविष्य में स्थापित किए जाने वाले सभी बिजली सब-स्टेशनों को जलभराव संभावित क्षेत्रों से दूर बनाया जाए। यदि ऐसी स्थिति से बचना संभव न हो, तो सब-स्टेशन को संभावित जलस्तर से कम से कम 2 फुट ऊंचाई पर स्थापित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एन.ओ.सी.) लेना भी अनिवार्य होगा।

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