Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 18 Sep, 2025 10:51 PM

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज की अदालत ने फर्जी बिल के आधार पर लाखों रुपए का गबन करने वाले सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी उदयभान और जेई अशोक कुमार को दोषी करार दिया।
गुड़गांव, (ब्यूरो): एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज की अदालत ने फर्जी बिल के आधार पर लाखों रुपए का गबन करने वाले सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी उदयभान और जेई अशोक कुमार को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को दस-दस साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों दोषी खंड एवं विकास पंचायत रेवाड़ी कार्यालय में तैनात थे। दोषियों के द्वारा मामला साल 2006 में हरियाली परियोजना के तहत किए गए विकास कार्यों में हुए गबन से जुड़ा है।
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जानकारी के मुताबिक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम को गबन करने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर जांच करते हुए साक्ष्य मिलने पर एसीबी द्वारा आरोपियों के खिलाफ 29 सितंबर 2017 को मामला दर्ज किया गया था। जांच करते हुए एसीबी ने सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी उदयभान और कनिष्ठ अभियंता (जेई) अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर आरोप था कि उन्होंने मिलीभगत करके सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया।
जांच के दौरान यह सामने आया कि उदयभान ने तत्कालीन सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी और जेई अशोक कुमार के साथ मिलकर विकास कार्यों के लिए फर्जी बिल और रिकॉर्ड तैयार किए। इसके बाद उन्होंने मजदूरो के जाली नामों का उपयोग कर फर्जी भुगतान किया। इस धोखाधड़ी के कारण सरकार को कुल 5,27,521 रुपये की वित्तीय हानि हुई थी। गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर बुधवार को अदालत ने दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है।