Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 16 Mar, 2026 05:52 PM

धनकोट चौकी पुलिस के अंतर्गत जॉय विले सोसाइटी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 23वीं मंजिल से एक व्यक्ति अपनी दो साल की बेटी के साथ नीचे कूद गया।
गुड़गांव, (ब्यूरो): बेटी को पार्क में खिलाने ले गए स्कूल संचालक द्वारा सेक्टर-102 की जॉय विले सोसाइटी की 23वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। नीचे गिरने की आवाज सुनकर सिक्योरिटी गार्ड व आसपास रहने वाले लोग मौके पर आए जिन्होंने स्कूल संचालक व उसकी दो साल की मासूम बेटी को निजी अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत दोनों को ही मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में परिजनों ने किसी पर भी कोई शक नहीं जताया है। हालांकि जिस टावर में स्कूल संचालक रहता था उसने उस टावर से नहीं बल्कि दूसरी टावर की 23वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की है। ऐसे में मामला संदेहजनक लग रहा है।
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पुलिस के मुताबिक, मृतक के भाई अमित विजयरण ने बताया कि उनका भाई राहुल विजयरण अपनी पत्नी नीतू दहिया और 2 साल की बेटी वामिका के साथ गुड़गांव की सेक्टर-102 जॉय विले सोसाइटी की टावर-9 के फ्लैट नंबर 305 में रहते थे और वह अपनी पत्नी के साथ दिल्ली के गांव किराड़ी में जे एस पब्लिक स्कूल चलाते हैं। अमित ने पुलिस को बताया कि उनके भाई की कोरोना में आंखें खराब हो गई थी जिसमें एक आंख से उसे दिखाई देना बंद हो गया था जबकि दूसरी आंख से उसे कम दिखाई देता था। इसको लेकर वह काफी परेशान रहता था।
आज सुबह नीतू अपने घर पर खाना बना रही थी और राहुल अपनी बेटी वामिका को लेकर सोसाइटी के पार्क में खेलने के लिए गया था। सुबह करीब साढ़े सात बजे वह बेटी को जब लेकर गया तो वह टावर 5 की 23वीं मंजिल पर चला गया जिसके बाद उसने यहां से छलांग लगा दी। जब शोर होने की आवाज नीतू ने अपने घर पर सुनी तो वह किचन में काम छोड़कर बाहर आई तो उसने एक व्यक्ति और छोटी बच्ची को जमीन पर लहूलुहान हालत में देखा और बाहर निकल आई। जिसके बाद उसे लोग निजी अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
देहरादून में पढ़ती है 11 साल की बेटी
अमित ने पुलिस को बताया कि उनके भाई राहुल विजयरण की शादी साल 2014 में हुई थी। उनकी एक 11 साल की बेटी देहरादून में पढ़ाई करती है और वहां हॉस्टल में रहती है। वहीं, वामिका दो साल की थी और जब राहुल व नीतू दिल्ली स्कूल जाते थे तो वामिका को अपने ससुराल छोड़ जाते थे जहां उसकी देखरेख होती थी।
परिजनों ने नहीं जताया किसी पर शक
अमित ने पुलिस को बताया कि कोरोना में बीमार होने के बाद से ही राहुल काफी परेशान रहता था। बीमारी से व मानसिक रूप से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है। वहीं, मामले में चौकी प्रभारी जगमाल की मानें तो परिजनों ने शिकायत देकर कार्रवाई करने से मना कर दिया है। वहीं, मामले में पुलिस जांच कर रही है कि आखिर टावर 9 में रहने वाला राहुल टावर 5 में क्यों गया और अगर वह अपनी बीमारी से परेशान था तो वह बेटी को साथ लेकर क्यों कूदा। पुलिस की मानें तो यह मामला थोड़ा संदिग्ध लग रहा है। मामले की जांच की जा रही है।