Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 10 Mar, 2026 08:07 PM

सिद्धरावली में सिग्नेचर ग्लोबल बिल्डर की निर्माणाधीन साइट पर एसटीपी का गड्ढा खोदने के दौरान मिट्टी धंसने से हुए 7 मजदूरों की मौत मामले में गुड़गांव पुलिस ने बिलासपुर थाने में केस दर्ज कर लिया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): सिद्धरावली में सिग्नेचर ग्लोबल बिल्डर की निर्माणाधीन साइट पर एसटीपी का गड्ढा खोदने के दौरान मिट्टी धंसने से हुए 7 मजदूरों की मौत मामले में गुड़गांव पुलिस ने बिलासपुर थाने में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि मामले में ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स कंपनी, बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी (BICPL), दीनदयाल शर्मा उर्फ D.D. शर्मा (ठेकेदार), दिनेशवीर (प्रोजेक्ट इंचार्ज), विकास पांडे (साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज) व सेफ्टी इंचार्ज ऑफिसर को नामजद किया गया है। आरोप है कि कार्य के दौरान ठेकेदार, कंपनी व सेफ्टी अधिकारियों द्वारा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम व सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके कारण मिट्टी धंसने से यह हादसा हुआ और इसके भाई व अन्य मजदूरों की मौत हो गई।
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मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी दिनेश वीर (प्रोजेक्ट मैनेजर )पुत्र कर्मवीर सिंह निवासी चिरावली थाना सादाबाद जिला हाथरस यूपी तथा विकास पांडे (स्ट्रक्चर इंजीनियर) पुत्र अनिल पांडे निवासी गांव चुनार थाना चुनार जिला मिर्जापुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। इन्हें कल अदालत में पेश किया जाएगा।
डीसी ने एसडीएम की अध्क्षता में गठित की जांच कमेटी
वहीं, मामले में डीसी अजय कुमार ने जांच के लिए एसडीएम मानेसर की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे। गठित समिति में मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त, पटौदी, जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) तथा कार्यकारी अभियंता-II, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि समिति घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करेगी। इससे पहले मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव ने मंगलवार को घटना स्थल का भी दौरा किया और घटना स्थल पर विभिन्न पहलुओं की जांच की।
आपको बता दें कि सोमवार देर रात को हादसा होने के बाद भी बिल्डर की तरफ से पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। जब मिट्टी में दबे मजदूरों को रेस्क्यू करने के बाद भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल भिजवाया गया तो वहां से राजस्थान पुलिस ने गुड़गांव पुलिस को इस पूरे मामले की सूचना दी। यहां से कुछ मजदूरों को गीतांजलि अस्पताल भिवाड़ी (राजस्थान) में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत शिवकुमार, संजीव गोपे, भागीरथ गोपे, मंगल चंद्र महतो, रंजीत महतो, परमेश्वर महतो व सतीश को मृत घोषित कर दिया, जबकि इन्द्रजीत, छोटेलाल, शिवकाम चौधरी व अन्य घायल अवस्था में अस्पताल में उपचाराधीन पाए गए। मौके पर पहुंची गुड़गांव पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।